सत्ता की हनक के चलते नहीं कर रहे उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन निजी आयुर्वेदिक कालेज

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हरिद्वार।देवभूमि खबर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव प्रकाश जोशी ने प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के उत्तराखंड राज्य में निजी आयुर्वेदिक कॉलेज के मालिकों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों का उत्पीड़न सत्ता में बैठे मंत्रियों के इशारों पर किया जा रहा है। वहीं बढ़ी फीस को वापस करने और फीस ना बढ़ाने के आदेश उच्च न्यायालय ने किए हुए है ।लेकिन निजी आयुर्वेदिक कालेज के मालिक उसे मानने को तैयार नहीं है।

उत्तराखंड में 16आयुर्वेद कालेजों में से तीन सरकारी है और 13 निजि कालेज है। जिसमे एकपूर्व मुख्य मंत्री व वर्तमान केंद्रीय मंत्री ,एक स्वयं आयुष मंत्री और एक विश्व योग गुरु बाबा राम देव का बताया गया है। इन तीनों को लाभ पहुंचाने के लिए शासन प्रशासन आंदोलन कारी छात्रों का उत्पीड़न कर रहे है।मामला कुछ इस प्रकार है। राज्य के निजीआयुर्वेद कालेज की फीस 80हजार से बढ़ा कर 2लाख15हजार कर दिया ।इसके अलावा 35से40हजार विकास शुल्क व अन्य मदों में लिया जाता रहा है। वहीं शासन के द्वारा बढ़ाई फीस को प्राइवेट कालोजों ने पूर्व में दाखिला लिए छात्रों से भी जबरन वसूलने का काम किया। जबकि आगामी सत्र के लिए फीस बढ़ोततरी की गई थी। इस शासन के आदेशों के विरूद्ध उच्च न्यायालय नैनीताल में याचिका दायर की गई फैसला छात्रों के पक्ष आया और बढ़ी फीस आदेश निरस्त करते हुए वसूल की गई फीस 14 दिन में वापसी के आदेश 9जुलाई 2018 दिए गए जो आज लागू नहीं हो पाए। इस एकल पीठ के आदेशों के खिलाफ प्राइवेट कालेज पुनर्विचार याचिका 9 अक्टूबर 2018 को डाली गई उस पर उच्च न्यायालय ने अपने पूर्व फैसले को सही ठहराते हुए आदेश जारी किए। इस आदेश का अनुपालन कराने के लिए शासन ने 2 नवम्बर 2018, को आदेश जारी किए। पर ऊंची पहुंच व रसुकों के चलते आज तक आदेशों जा पालन नहीं हो सका।और आयुष छात्र आज भी अपनी अधिकारों की लड़ाई के लिए देहरादून के परेड ग्राउंड में बैठे है। उनकी बात सुनने को क्यो नही कोई तैयार है? जोशी ने बताया कि आयुर्वेद का कोर्स साढ़े चार वर्ष का फिर फीस क्यों पांच वर्ष की ली जाती है। इसका जवाब सरकार के पास भी नहीं है। प्रकाश जोशी ने एक खुलासा करते हुए कहा कि प्राइवेट कालेजों द्वारा विश्व विद्यालय मान्यता का शुल्क भी कई वर्षो से जमा नहीं किया जा रहा है। इसके बावजूद उन कालेजों की मान्यता बरकरार है? अब छात्रों के आंदोलन को समर्थन करते हुए कांग्रेस के संगठन उनकी आवाज को पूरे देश में पहुंचने जा काम करेंगे।

प्रेस वार्ता ने डा संजय पालीवाल ,अम्बरीष कुमार, मुरली मनोहर पुरषोत्तम शर्मा, अनिल भास्कर अंजू द्विवेदी रवीश भटिजा राजीव चैधरी दीपक जखमोला ,रामविशाल देव विभास मिश्रा आदि मौजूद थे।

देवभूमि खबर

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