घाटे में चल रही समितियों को लाभ में लाने के लिए विशेष प्रयास किये जाए:डॉ धन सिंह रावत

घाटे में चल रही समितियों को लाभ में लाने के लिए विशेष प्रयास किये जाए:डॉ धन सिंह रावत
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देहरादून। विधानसभा स्थित कार्यालय में सहकारिता, उच्च शिक्षा, दुग्ध विकास एवं प्रोटोकाॅल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. धन सिंह रावत ने सहकारिता विभाग के अंतर्गत पैक्स समितियों की समीक्षा की। जनपद देहरादून एवं हरिद्वार की पैक्स समितियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने सिलसिले वार जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में समितियों का कुल वार्षिक व्यवसाय का विवरण भी रखा गया। लाभ और हानि में चल रही समितियों पर चर्चा के दौरान सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि घाटे में चल रही समितियों को लाभ में लाने के लिए विशेष प्रयास किये जाय।

समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में 100 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित किये जाने हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में प्रत्येक एफपीओ में 100 सदस्य जबकि मैदानी क्षेत्र में इसके सदस्यों की न्यूनतम संख्या 300 होगी। एफपीओ के माध्यम सेे हजारों युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सकेगा। प्रत्येक एफपीओ को सरकार से दो करोड़ रूपये का ऋण दिया जायेगा। एफपीओ द्वारा विशेषकर बेहत्तर प्रसंस्करण, विपणन, ब्रांडिंग और निर्यात को प्रोत्साहन दिया जायेगा।
कृषि अवसंरचना कोष (एआइएफ) के तहत प्रदेश की 102 बहुद्देश्यीय सहकारी समितियों की समीक्षा भी बैठक की गई। इस दौरान डा. रावत ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा लांच की गई कृषि अवसंरचना कोष की सौगात प्रदेश की समितियों को भी मिली। इस योजना के तहत अब समितियों को दो करोड़ रुपये तक ऋण नाबार्ड से मुहैया कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि कृषि से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर समितियों को एक फीसद ब्याज दर ऋण उपलब्ध होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह इन समितियों के जरिये कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाय।
वहीं बैठक में दोनों जनपदों की समितियों की सदस्यता का दायरा बढ़ाये जाने और सहकारिता की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों एवं पशुपालकों को पहुंचाने के निर्देश भी दिये गये। इस दौरान डा. रावत ने कहा कि भारत सरकार के उपक्रम राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम एवं नाबार्ड के माध्यम से प्रदेश में प्रस्तावित योजनाओं का लाभ समितियों के माध्यम से किसानों को मिल सके। इसके लिए ठोस नीतियां बनाई जाय।

बैठक में निबंधक सहकारिता बी.एम. मिश्रा, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, प्रभारी उप निबंधक मान सिंह सैनी, सहायक जिला निबंधक सुभाष चंद्र गहतोड़ी, अपर जिला सहकारी हरिद्वार अरविंद जोशी, दान सिंह नपलच्याल, अपर जिला सहकारी देहरादून गजपाल लाल भारती, जी.एस.कंडारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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