मुख्यमंत्री घसियारी योजना और वन भूमि नवीनीकरण को मंजूरी
देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में गुरुवार को उनके आवास पर मंत्रिमंडल की बैठक हुई।। बैठक में सात बिंदुओं पर निर्णय लिए गए।। वहीं, आज की कैबिनेट बैठक में सरकार द्वारा आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए बड़े फैसले भी लिए गए हैं।
प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हजारों महिलाओं को पशु चारे के लिए न तो मीलों पैदल चलना होगा और न ही चारे का बोझ ढोना पड़ेगा। महिलाओं को इस बोझ से निजात दिलाने के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के संकल्प को चुनावी वर्ष में सरकार ने पूरा कर दिया। मंत्रिमंडल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना को मंजूरी दी। इस योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में दूरस्थ ग्रामीण पर्वतीय क्षेत्रों के पशुपालकों को पैक्ड सायलेज, संपूर्ण मिश्रित पशु आहार (टीएमआर) उनके घर तक पहुंचाया जाएगा। सायलेज उत्पादन एवं विपणन संघ लिमिटेड (एसआइएफइडी) इस योजना को संचालित करेगा।
विधानसभा सत्र की अधिसूचना जारी होने की वजह से मंत्रिमंडल के फैसलों को ब्रीफ नहीं किया गया। मुख्यमंत्री घसियारी योजना को मंजूरी दे दी है। उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में काम करने वाली महिलाओं के स्वाबलंबन का उद्देश्य है। वन भूमि नवीनीकरण को मंजूरी, लीज की भूमि को अगले 30 सालों के लिए बढ़ाया गया है। साथ ही लीज के मूल्यों में भी बदलाव किया गया है। कोविड-19 के तहत बनाए जा रहे हैं 600 बेड के अस्पताल में 50 आईसीयू बेड की मंजूरी दे दी गयी है।संस्कृत शिक्षा विभाग के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में काम करने वाले 57 अशासकीय शिक्षकों को उन्हीं के सापेक्ष पदों पर नियुक्त किया गया। उत्तराखंड कृषि उपज और राज्य पशुधन विपणन अधिनियम में संशोधन. मंडी परिषद में अध्यक्ष पद पर केवल एक बार नॉमिनेट किया जाएगा। जल जीवन मिशन अभियान के अंतर्गत संरचनात्मक ढांचे में 2 अतिरिक्त पद अपर परियोजना निदेशक और अधीक्षण अभियंता पदों को मिली स्वीकृति.उत्तराखंड पुलिस अधीनस्थ दूरसंचार सेवा नियमावली में संशोधन किया गया है। 670 बहुद्देश्यीय सहकारी समितियों, 1000 से अधिक राशन की दुकानों, सहकारी संस्थाओं, पशुपालन विभाग के चारा बैंक व अन्य स्थापित सरकारी विपणन केंद्रों का इस्तेमाल कर कुशल वितरण प्रणाली स्थापित की जाएगी।

