आचार्य श्रीचंद्र ने सदैव राष्ट्र निर्माण एवं मानवता की एकता के लिए कार्य किया:राज्यपाल

आचार्य श्रीचंद्र ने सदैव राष्ट्र निर्माण एवं मानवता की एकता के लिए कार्य किया:राज्यपाल
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हरिद्वार। भारत की धरती पर जन्मे उदासीनाचार्य आचार्य श्रीचंद्र महान विचारक, योगी और महान तपस्वी लोक नायक संत थे। आचार्य श्रीचंद्र ने सदैव राष्ट्र निर्माण एवं मानवता की एकता के लिए कार्य किया।

यह बात राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने गुरुवार को हरिद्वार में भगवान श्रीचन्द्र के नाम पर स्थापित श्रीचन्द्राचार्य चौक के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के लोकार्पण कार्य करते हुए कही। राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने उदासीनाचार्य भगवान श्रीचन्द्र जी की मूर्ति का अनावरण करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति प्रेम, भाइचारे एवं सामाजिक सौहार्द की संस्कृति है। हमारे महान संतों ने हमेशा जनता को सही मार्ग दिखाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राष्ट्र सदैव संत समाज का ऋणी रहेगा। राज्यपाल मौर्य ने कहा कि उदासीन आचार्य श्रीचन्द्र जी ने अपने समय में व्याप्त सामाजिक विषमताओं को दूर करने के लिए भी कार्य किया। श्रीपंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण के परमाध्यक्ष श्रीमहंत महेश्वरदास ने कहा कि आचार्य श्रीचन्द्र ने पूरे भारतवर्ष में भ्रमण कर हिंदू धर्म का डंका बजाया। आचार्य श्रीचन्द्र ने शैव, वैष्णव, शाक्त तथा गाणपत्य मतावलंबियों को संगठित कर पंचदेव उपासना की प्रतिष्ठा की।

योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि आचार्य श्रीचन्द्र में भक्ति, ज्ञान तथा योग का अद्भुत समन्वय था। इसके बाद राज्यपाल ने श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण कनखल में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

इस मौके पर मेलाधिकारी दीपक रावत, आई जी कुंभ मेला संजय गुंज्याल, जिलाधिकारी सी रविशंकर, एसएसपी सेंथिल अबुदई, पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण आदि मौजूद थे।

देवभूमि खबर

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