विकास कार्यों में गड़बड़ी पाए जाने बीडीओ निलंबित 

Spread the love

नई टिहरी। प्रतापनगर ब्लॉक के गोदड़ी गांव में विकास कार्यों में गड़बड़ी पाए जाने पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि प्रधान महिमानंद नौटियाल से भी जवाब मांगा गया है। इसके अलावा, गांव में मनरेगा के कार्यों में हुई अनियमितताओं पर भी एक वीपीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

17 अगस्त को डीएम सोनिका को गोदड़ी गांव में भ्रमण के दौरान विकास कार्यों में कई खामियां मिलीं। डीएम ने मनरेगा और राज्य वित्त के तहत आवंटित धनराशि से कराए गए कार्यों में हेराफेरी और दुरुपयोग को देखते हुए डीएम ने डीडीओ भरत चंद्र भट्ट को जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।                            डीडीओ की रिपोर्ट के अनुसार गांव में कराए गए कार्यों में 8 लाख 52 हजार 160 रुपये की धनराशि के फर्जी बाउचरों में कई विषमताएं मिलीं। निविदा सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाए बिना ही 2.55 लाख रुपये में आरके इंटरप्राइज किच्छा से 10 सोलर लाइट खरीद ली गईं, जबकि मनरेगा के कार्यों के लिए लंबगांव की फर्म राधिका इंटरप्राइजेज से करीब पांच लाख का सीमेंट क्रय करना दिखाया गया। तल्ला गोदड़ी तोक में सुरक्षा दीवारों पर सीमेंट के स्थान पर मिट्टी लगी हुई मिली। गांव के झालकी तोक में 99 हजार से तालाब और हौज निर्माण करना दिखाया गया, लेकिन बाउचरों में मिलान नहीं हो पाया। मनरेगा के तहत एक लाख की लागत से सीसी खड़ंजा बिछाना दिखाया गया है जबकि अभिलेखों में माप का कोई उल्लेख ही नहीं है। डीएम सोनिका ने जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधान महिमानंद नौटियाल का स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं डीपीआरओ ने डीएम के निर्देश पर राज्य वित्त में आवंटित धनराशि के दुरुपयोग के आरोप में वीडीओ सतीश कुमार को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, ग्राम विकास अधिकारी लोकेश आर्य से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

देवभूमि खबर