आंदोलनकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आन्दोलनकारी और पत्रकार पुरुषोत्तम असनोड़ा को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

आंदोलनकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आन्दोलनकारी और पत्रकार पुरुषोत्तम असनोड़ा को  दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
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देहरादून। पूर्व मंत्री और उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप की पहल पर एक वीडियो कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया जिस का संचालन उत्तराखंड के प्रमुख समाज सेवी एवं युवा आंदोलनकारी दिग मोहन नेगी ने किया । वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिग्गज पत्रकार और प्रमुख उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन कारी पुरुषोत्तम असनोड़ा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
धीरेंद्र प्रताप और प्रसिद्ध पत्रकार और आंदोलनकारी देव सिंह रावत के प्रयासों से संपन्न हुई श्रद्धांजलि सभा में श्री संजय धर्मोड़ा एडवोकेट खुशाल सिंह बिष्ट प्रमुख कलाकार एवं आंदोलनकारी मनोज इस्टवाल प्रमुख पत्रकार व सोशल एक्टिविस्ट प्रदीप वेरावल और प्रमुख राज्य आंदोलनकारी और सोशल एक्टिविस्ट अनिल पंत और प्रमुख राज्य आन्दोलनकारी हरिकृष्ण भट्ट समेत अनेक लोगों ने भाग लिया । धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी वक्ताओ ने स्वर्गीय पुरुषोत्तम असनोड़ा के उत्तराखंड राज्य निर्माण में पत्रकारिता के क्षेत्र में और खासतौर पर गैर सेंण को उत्तराखंड की राजधानी बनाने में ऐतिहासिक योगदान के लिए याद किया । धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि उनका असामयिक निधन राज्य की महान क्षति है
देव सिंह रावत ने असनोड़ा की आकांक्षा के विरुद्ध गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा उत्तराखंड की जनता को धोखा देना बताया गया दिगमोहन नेगी, संजय दरर्मोड़ा और मनोज ईष्टवाल ने उनकी तमाम तरह की सामाजिक गतिविधियों में हिस्सेदारी का उल्लेख किया। तो हरिकृष्ण भट्ट जो चिन्हित आंदोलनकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष भी हैं व जो आज स्वर्गीय पुरुषोत्तम अरोड़ा की अंत्येष्टि में गैरसैंण में शामिल होकर कर्णप्रयाग लौटे थे उन्होंने असनोड़ा जी के संस्कार में किसी भी सरकारी अधिकारी की उपस्थिति ना होने को राज्य आंदोलनकारियों का भारी अपमान बताया। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि जब वे मंत्री थे उन्होंने यह करवाया था जब भी किसी आंदोलनकारी की मृत्यु होगी तो एसडीएम या तहसीलदार स्तर का अधिकारी उसमें शामिल होगा व मुख्यमंत्री की ओर से उसमें पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को इस पर ध्यान देना चाहिए । देश सिंह रावत ने 20 वर्ष बाद भी आंदोलनकारियों के ठीक से चिन्हकरण ना होने को निशाना बनाया । करीब 1 घंटे तक चली इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में खुशाल सिंह बिष्ट संजय दरमोड़ा और मनोज ईस्टवाल ने उत्तराखंड राज्य के आदर्श राज्य बनने के सपने पूरे होने के लिए असनोड़ा जी की मृत्यु के अवसर पर संकल्प व्यक्त किया।

देवभूमि खबर

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