हरिद्वार।देवभूमि खबर। विगत 2 दिनों से प्रेमनगर आश्रम में चल रही स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय सभा का समापन स्वदेशी के प्रचार-प्रसार के आवाह्न और आर्थिक सामाजिक औद्योगिक आदि के विषय में चार प्रस्ताव पारित करने के साथ संपन्न हुई। साथ ही 11 वर्षों के पश्चात राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक फेरबदल भी हुआ जिसमें मदुरई के राष्ट्रीय सह संयोजक आरएस सुंदरम को स्वदेशी जागरण मंच का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया साथ ही देश के विभिन्न भागों में संगठनात्मक फेरबदल की भी घोषणा की गई जिसमें दक्षिण और मध्य भारत के विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक फेरबदल और उनके विस्तार के लिए राज्यों का विभाजन आदि किया गया। समापन समारोह में नवनिर्वाचित राष्ट्रीय संयोजक आरएस सुंदरम ने उनको दिए गए दायित्व के लिए राष्ट्रीय स्वदेशी जागरण मंच का आभार प्रकट किया और दत्तोपंत ठेंगड़ी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों पर चलकर स्वदेशी जागरण मंच को नित नयी ऊंचाई तकपहुंचाने की प्रतिबद्धता प्रकट की।
समापन समारोह के बाद पत्रकार वार्ता में स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सहसंयोजक डॉ. अश्वनी महाजन ने राष्ट्रीय सभा में पारित हुए प्रस्ताव के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय सभा के अंतिम दिन चार प्रस्ताव पारित किये गए हैं जिसमें कृषि, रोजगार डाटा सावरेंटी तथा देश में सार्वजनिक क्षेत्रों के उद्योगों के डिसइनवेस्टमेंट विषय में स्वदेशी जागरण मंच की अवधारणा मान्यताओं और विचारों के अनुरूप प्रस्ताव पारित किए गए जिसमें सर्वप्रथम देश में किसानों की चिंता करते हुए पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए कृषि को उन्नत बनाने किसानों के हितों की रक्षा करने की बात कही गई।
दूसरे प्रस्ताव में देश के उद्योग की चिंता करते हुए किसान मजदूर की बात करते हुए हर हाथ को काम देने के लिए रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया साथ ही लघु कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन, बुनकर, शिल्पकार, छोटे दुकानदार, ठेली-पटरी वाले को संरक्षण देने की बात भी कही गई। पूर्व राष्ट्रीय संयोजक और वर्तमान में सह संयोजक के रूप में नियुक्त हुए अरुण ओझा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि देश में सांस्कृतिक उपनिवेश बढ़ता जा रहा है जिसका स्वदेशी जागरण मंच विरोध करता है तथा देश में स्वदेशी की भावना को संरक्षित रखते हुए स्वदेशी आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध हैं।