वर्ष 2010 में रिश्वत के मामले में अभियुक्त को न्यायालय ने सुनाई 7 वर्ष की सजा

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देहरादून।वर्ष 2010 में शिक्षाविभाग के तहत एक शिक्षक नियुक्ति मामले में रिश्वत के आरोप में दोषी सिद्ध हुए सुधाकर त्रिपाठी को न्यायालय ने 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय के न्यायाधीश ने अभियुक्त को 25,000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में दोषी पाया।

मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ता ने सतर्कता विभाग देहरादून में शिकायत दर्ज कराई कि सुधाकर त्रिपाठी ने फायर स्टेशन बिल्डिंग के निर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। सतर्कता विभाग की टीम ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।

न्यायालय ने अभियुक्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7/13 (1) (d) के तहत दोषी पाते हुए सजा सुनाई। साथ ही, धारा 13 (2) के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और 2,500 रुपये के अर्थदंड की भी सजा सुनाई गई।

सतर्कता विभाग ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्वत की मांग करता है तो वे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप नंबर 9456592300 पर शिकायत दर्ज कराएं।

देवभूमि खबर

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