10 हजार रू० का इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में हुआ घायल

10 हजार रू० का इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में हुआ घायल
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पुलिस द्वारा चैकिंग के दौरान रोके जाने पर अभियुक्त द्वारा मौके से फरार होने का किया गया था प्रयास

देहरादून।पुलिस टीमों द्वारा पीछा करने पर अभियुक्त द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग की गई। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायर किया, जिसमें अभियुक्त के पैर में गोली लगी।

मुठभेड़ में घायल अभियुक्त कोतवाली ऋषिकेश में हत्या के अभियोग में वांछित था। अभियुक्त ने ऋषिकेश क्षेत्र में एक महिला की हत्या कर फरार हो गया था।

अभियुक्त के विरुद्ध हत्या, लूट, नकबजनी सहित अन्य अपराधों के 27 अभियोग पंजीकृत हैं

दिनांक 25/12/2024 को शिकायकर्ता चन्द्र मोहन ठाकुर निवासी खदरी श्यामपुर, ऋषिकेश द्वारा तहरीर देकर अवगत कराया गया कि उनकी पत्नी आशा देवी (उम्र 54 वर्ष) दिनांक 22/12/2024 को द्विवेदी अस्पताल से बिना बताए कहीं चली गईं। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। तहरीर के आधार पर गुमशुदगी क्रमांक 104/2024 दर्ज किया गया।

जांच के दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए दिनांक 15/01/2025 को मु0अ0स0 23/2025 धारा -140(3) BNS के तहत मामला अज्ञात अभियुक्त के विरुद्ध दर्ज किया गया। विवेचना व0उ0नि0 ऋषिकेश को सौंपी गई।

गुमशुदा की तलाश के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के 250-300 सीसीटीवी कैमरे चेक किए। जांच में गुमशुदा महिला को संजय गुसाई पुत्र करम चन्द निवासी कुम्हारवाड़ा, ऋषिकेश (उम्र 45 वर्ष) के साथ स्कूटी पर जाते हुए देखा गया। पुलिस ने अभियुक्त के घर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला।

19/01/2025 को IDPL क्षेत्र में एक महिला का शव बरामद हुआ, जो लगभग 20-25 दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। शव की शिनाख्त परिजनों द्वारा आशा देवी के रूप में की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून द्वारा अभियुक्त पर ₹10,000 का इनाम घोषित किया गया। अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली ऋषिकेश एवं एसओजी की संयुक्त टीम गठित कर सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।

दिनांक 01/02-02-25 की देर रात्रि कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत जंगलात बैरियर पर पुलिस चेकिंग के दौरान एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल को रोका गया। पुलिस को देखकर अभियुक्त घबरा गया और भागने लगा।

पुलिस टीम ने उसका पीछा किया, तो उसने मोटरसाइकिल जंगल में छोड़कर पैदल भागना शुरू किया। पीछा करने पर अभियुक्त ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायर किया, जिससे अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लग गई। घायल अभियुक्त को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

मौके से अभियुक्त के पास से एक 315 बोर का तमंचा, 01 जिंदा कारतूस एवं 02 खोखा कारतूस बरामद हुए।

पूछताछ में अभियुक्त संजय गुसाई ने स्वीकार किया कि दिनांक 22/12/2024 को उसकी मुलाकात आशा देवी से हुई थी। आशा देवी झाड़-फूंक वाले की तलाश में थी, जिसे लेकर अभियुक्त उसे डोईवाला भी ले गया था। वहां कोई झाड़-फूंक करने वाला न मिलने पर वह वापस ऋषिकेश लौट आया।

उसी दिन शाम को आशा देवी ने अभियुक्त को दोबारा झाड़-फूंक के लिए बुलाया। अभियुक्त ने उसे स्कूटी पर बैठाकर रायवाला ले गया, जहां से शराब और खाना खरीदकर दोनों IDPL लेबर कॉलोनी के पास एक पार्किंग ग्राउंड में पहुंचे।

वहां किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद अभियुक्त ने आशा देवी को धक्का दिया। वह गिरकर घायल हो गई। पकड़े जाने के डर से अभियुक्त ने सिर पर पत्थर से वार कर गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को झाड़ियों में फेंककर अभियुक्त फरार हो गया।

पुलिस टीम में निरीक्षक राजेन्द्र सिंह खोलिया (प्रभारी कोतवाली ऋषिकेश), निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट (SOG प्रभारी), व0उ0नि0 विनोद कुमार, उ0नि0 कविन्द्र राणा, उ0नि0 प्रकाश पोखरियाल, अपर उ0नि0 मनोज रावत, हे0कानि0 मनोज थपलियाल, हे0कानि0 राकेश पंवार, कानि0 दुष्यन्त कुमार, कानि0 सुमित, कानि0 तेजपाल, कानि0 पुष्पेन्द्र, कानि0 दुष्यन्त, कानि0 सुमित, कानि0 यशपाल सिंह, कानि0 रमेश मेठाणी, कानि0 अभिषेक, कानि0 दिनेश महर, कानि0 मनोज (SOG), कानि0 नवीनत (SOG) और कानि0 सोनी (SOG) शामिल थे।

देवभूमि खबर

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