फर्जी ट्रस्ट बनाकर साइबर ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार, दस्तावेज़ और उपकरण बरामद
देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी ट्रस्ट और कंपनियां बनाकर साइबर अपराध करने वाले शातिर अभियुक्त अजय कुमार त्रिपाठी को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से भारी मात्रा में दस्तावेज़, मोबाइल फोन, चेकबुक, फर्जी पैन और आधार कार्ड समेत कई उपकरण बरामद किए गए हैं। टीम ने बताया कि अभियुक्त फेसबुक लिंक और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लोगों को शेयर ट्रेडिंग और IPO/FPO में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था। इसी क्रम में देहरादून निवासी एक वरिष्ठ नागरिक को “ASB Invest & Grow” नामक फर्जी मोबाइल एप डाउनलोड कराकर 44.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया कि अभियुक्त Shree Shiv Shyam Sewa Trust नाम से बैंक खाता संचालित कर रहा था, जिसका उपयोग साइबर अपराध और धोखाधड़ी में किया जाता था। उसने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाकर कई बैंक खातों का संचालन किया। उसके अंतरराष्ट्रीय गिरोहों—कम्बोडिया और थाईलैंड—से जुड़े होने के भी प्रमाण मिले हैं। गिरफ्तार अभियुक्त अजय कुमार त्रिपाठी पुत्र डी.के. त्रिपाठी निवासी इन्द्रा नगर लखनऊ का रहने वाला है और वर्तमान में गाजियाबाद व नोएडा में रह रहा था, जिसकी उम्र 28 वर्ष है। उसके कब्जे से 5 चेकबुक, 3 स्टैम्प, 3 पैन कार्ड, 2 आधार कार्ड, 1 डेबिट कार्ड, 3 ट्रस्ट/कंपनियों की फ्लैक्सी, 1 मोबाइल फोन, 2 अतिरिक्त सिम कार्ड और 3 ट्रस्ट डीड बरामद हुईं। आरोपी के खिलाफ हैदराबाद साइबर थाने (अपराध सं. 1408/2025) और उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदलता रहा और फर्जी दस्तावेज तैयार करता रहा। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक अनिल कुमार, उप निरीक्षक राजेश ध्यानी, हेड कॉन्स्टेबल पवन कुमार और कॉन्स्टेबल पवन पुण्डीर शामिल रहे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह ने बताया कि तेजी से बढ़ते इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने कई लोगों को शिकार बनाया है, इसलिए जनता किसी भी संदिग्ध वेबसाइट, लिंक या एप पर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

