डेमोग्राफी बदलाव से सामरिक एवं सुरक्षा की चुनौतियां गंभीर हो सकती है: जतिंदर कुमार बजाज

देहरादून।प्रज्ञा प्रवाह की उत्तराखंड इकाई देव भूमि विचार मंच द्वारा कल आयोजित होने वाले जनसंख्या बदलाव विषय पर संगोष्ठी को संबोधित करने के लिए देहरादून पहुंचे पद्मश्री जतिंदर कुमार बजाज ने एक भेंट वार्ता में बताया कि जनसंख्या बदलाव को ऐतिहासिक दृष्टि से यदि हम देखें तो इसकी शुरुआत मुस्लिम काल से है जो लगातार बढ़ता गया, ब्रिटिश शासन काल में यह और तेजी से बढ़ा तथा विभाजन के समय थोड़ी गिरावट आई लेकिन उसके बाद यह तेजी से बदलती रही, बढ़ती रही ।
सीमावर्ती क्षेत्रों में इस प्रकार का बदलाव सामरिक एवं सुरक्षा की दृष्टि से एक गंभीर चुनौती सिद्ध हो सकती है l उत्तर पूर्व के क्षेत्रों में आज हिंदू आबादी पूर्णतः अल्पसंख्यक हो चुकी है, बिहार, बंगाल और बांग्लादेश सीमा का त्रिकोण जिसको चिकन नेक कहा जाता है वहां डेमोग्राफी तेजी से परिवर्तित हो रही है l पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी तेजी से बदलाव हुआ है जो सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से भी कई गंभीर प्रश्न उत्पन्न करता है l इसका नियंत्रण सरकार के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने होंगे क्योंकि ऐसे बदलावों से कोस्टल एरिया भी अछूता नहीं है l
