विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि विकासनगर पालिका क्षेत्र में यूलिप परियोजना के अंतर्गत सीवरेज/पेयजल लाइन बिछाने का कार्य यूयूएसडीए (उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी) द्वारा ठेकेदारों के माध्यम से कराया जा रहा है, जिसकी लागत लगभग 400 करोड़ रुपये से अधिक है। बावजूद इसके, कार्यों में भारी अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी एवं अभियंता मौके पर मौजूद नहीं रहते, जिससे सड़कें खोदकर आधे-अधूरे कार्य छोड़ दिए जा रहे हैं। जहां पर लाइन बिछाई जा चुकी है, वहां समुचित समतलीकरण और पानी का छिड़काव नहीं किया जाता, जिससे राहगीरों को चलने में परेशानी हो रही है और आसपास के घरों में धूल-मिट्टी भर रही है।
मोर्चा को इस बात का भी अंदेशा है कि जो सीवरेज लाइन बिछाई जा रही है, उसका लेवल सही है या नहीं, इसकी भी कोई प्रभावी जांच नहीं हो रही है। संबंधित विभाग के अधिकारी कार्यों का सुपरविजन नहीं कर रहे हैं और पूरा काम ठेकेदारों व मजदूरों के भरोसे छोड़ दिया गया है।
उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर सीवरेज चैंबर्स ऊंचे बनाकर छोड़ दिए गए हैं, जिनके लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण कई बार लोग चोटिल भी हो चुके हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो कार्यदायी संस्था और ठेकेदार जनता पर कोई एहसान कर रहे हों।
जन संघर्ष मोर्चा ने नगर पालिका और प्रशासन से भी इन अव्यवस्थाओं में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। मोर्चा ने संबंधित विभाग और ठेकेदारों को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं, तो ऐसा आंदोलन किया जाएगा जिसकी किसी को उम्मीद नहीं होगी।
पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार और दिलबाग सिंह भी मौजूद रहे।

