पीआरडी जवानों को 365 दिन रोजगार और समान वेतन की मांग, बजट के नाम पर ड्यूटी से हटाने का विरोध
देहरादून।प्रदेश संयोजक प्रमोद मंद्रवाल ने पीआरडी जवानों की ड्यूटी से जुड़ी समस्याओं और मांगों को लेकर मीडिया के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि पीआरडी जवानों को लगातार 365 दिन रोजगार दिया जाना चाहिए और उपनल होमगार्ड की तर्ज पर समान वेतन–समान कार्य का लाभ मिलना चाहिए।
प्रमोद मंद्रवाल ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के कई थाना-चौकियों में तैनात पीआरडी जवानों को विभाग द्वारा बजट नहीं मिलने का हवाला देकर ड्यूटी से हटाया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। इससे पीआरडी जवानों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि फरवरी, मार्च और अप्रैल के महीने पीआरडी जवानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इस दौरान बच्चों की स्कूल फीस, परीक्षा शुल्क, एडमिशन फीस और किताबों का भारी खर्च होता है। ऐसे समय में ड्यूटी से हटाया जाना जवानों की आजीविका पर सीधा प्रहार है।
प्रदेश संयोजक ने सरकार से मांग की कि थाना-चौकियों में तैनात प्रदेशभर के सभी पीआरडी जवानों को यथावत ड्यूटी पर रखा जाए और जल्द से जल्द समान वेतन–समान कार्य का निर्णय लिया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो संगठन को मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष गंभीर सिंह रावत (देहरादून) उपस्थित रहे।

