कोटद्वार बर्ड फेस्टिवल में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, 326 करोड़ रुपये से अधिक की 61 विकास योजनाओं की दी सौगात

कोटद्वार बर्ड फेस्टिवल में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, 326 करोड़ रुपये से अधिक की 61 विकास योजनाओं की दी सौगात
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कोटद्वार। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार में आयोजित दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जनपद के विभिन्न विकासखंडों के लिए करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात देते हुए कुल 61 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री कोटद्वार पहुंचने पर सर्वप्रथम दिव्यांग बालक-बालिकाओं से मिले और उनसे संवाद कर उनकी शिक्षा के बारे में जानकारी ली। इसके उपरांत उन्होंने सिद्धबली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके बाद सनेह क्षेत्र में आयोजित बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम स्थल पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज कोटद्वार की छात्राओं ने गढ़वाली लोकभाषा में स्वागत गीत प्रस्तुत किया, वहीं हेरिटेज स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों की पक्षी एवं प्रकृति संरक्षण पर आधारित प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।

शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा 21 योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनकी कुल अनुमानित लागत 8,172.78 लाख रुपये रही, जबकि 40 योजनाओं का लोकार्पण 24,439.55 लाख रुपये की लागत से किया गया। इस प्रकार कुल 32,612.33 लाख रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री ने फेस्टिवल परिसर में लगाए गए विभिन्न विभागों व स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। पक्षियों की फोटो प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने कहा कि पक्षी संरक्षण एवं पहचान से जुड़ी ऐसी गतिविधियां पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वां दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और इसमें महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोटद्वार क्षेत्र में बस टर्मिनल, आयुष चिकित्सालय, खोह नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एसटीपी स्थापना, मालन नदी पर 26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुल निर्माण तथा कोटद्वार-नजीबाबाद फोरलेन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रगति पर हैं।

उन्होंने क्षेत्र के विकास हेतु कई घोषणाएं भी कीं, जिनमें हल्दूखाता में नगरीय पेयजल योजना की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन का सुदृढ़ीकरण, राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार में कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, विज्ञान एवं कंप्यूटर कक्ष तथा चहारदीवारी का निर्माण, जीतपुर गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झंडीचौड़ में 108 एंबुलेंस सेवा तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में चहारदीवारी निर्माण शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता की दृष्टि से देश के समृद्ध राज्यों में शामिल है, जहां लगभग 71 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। राज्य में देश की लगभग 1300 पक्षी प्रजातियों में से 400 से अधिक दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं। उन्होंने सुरखाब पक्षी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सुनहरे पंखों वाला दुर्लभ पक्षी सर्दियों में उत्तराखण्ड आता है और पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका निभाता है।

विधानसभा अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक ऋतु खंडूरी भूषण ने कहा कि उत्तराखण्ड में पाई जाने वाली लगभग 700 पक्षी प्रजातियों में से करीब 400 प्रजातियां कोटद्वार क्षेत्र में ही पाई जाती हैं। उन्होंने बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल को इको-टूरिज्म और बर्ड-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसे राज्य सरकार के वार्षिक कैलेंडर में शामिल करने का सुझाव दिया।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि जैव विविधता और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह फेस्टिवल कोटद्वार को पर्यटन के नए आयाम देगा और प्रकृति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाएगा।

दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल के पहले दिन 2500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बर्ड वॉचर, छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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