देहरादून।प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जर्जर हो चुके एक दर्जन से अधिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का शीघ्र पुनर्निर्माण किया जाएगा। विद्यालय भवनों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के लिए ₹568.85 लाख की धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। साथ ही इन निर्माण कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाएं भी नामित कर दी गई हैं। इस संबंध में शासन स्तर से शीघ्र ही औपचारिक आदेश जारी किए जाएंगे।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। विद्यालयों में भौतिक संसाधनों, अवसंरचनात्मक सुविधाओं के विस्तार तथा शिक्षकों की तैनाती के माध्यम से शिक्षा का बेहतर वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे प्राथमिक स्तर पर प्रदेश के नौनिहालों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
डॉ. रावत ने बताया कि इसी क्रम में प्रदेश के रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी, देहरादून एवं चमोली जनपदों में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त 16 राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण हेतु ₹568.85 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।
रुद्रप्रयाग जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुराड़ी, छतोड़ा, कमसाल, जसोली एवं सल्या के पुनर्निर्माण के लिए ₹32-₹32 लाख स्वीकृत किए गए हैं, जबकि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पौड़ीखाल के पुनर्निर्माण हेतु ₹40.30 लाख की धनराशि मंजूर की गई है।
पिथौरागढ़ जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय लास्पासांई के भवन पुनर्निर्माण के लिए ₹39 लाख, गैला में कक्षा-कक्ष एवं प्रधानाध्यापक कक्ष निर्माण हेतु ₹20.47 लाख तथा मल्ला वल्थी विद्यालय के लिए ₹20.30 लाख की स्वीकृति दी गई है।
टिहरी जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिखोन के लिए ₹34.86 लाख, सौन्दकोटी मल्ली के लिए ₹37.36 लाख, मंजूरीडागर के लिए ₹39.94 लाख तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारी-जमुण्डा के पुनर्निर्माण हेतु ₹29.59 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इसी प्रकार चमोली जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर के भवन पुनर्निर्माण के लिए ₹77.11 लाख तथा देहरादून जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बद्रीपुर के लिए ₹33.05 लाख एवं प्राथमिक विद्यालय बापूनगर, जाखन के पुनर्निर्माण हेतु ₹36.87 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इन विद्यालयों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग एवं पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए।
