हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मंगलवार को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ए.आर.टी.ओ.) कार्यालय हरिद्वार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा प्रवर्तन गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परिवहन कार्यालय में अपने कार्यों और समस्याओं के समाधान के लिए आने वाले नागरिकों के कार्यों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को अनावश्यक प्रतीक्षा या असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कार्यालय की कार्यप्रणाली पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्राइविंग लाइसेंस निर्धारित नियमों के अनुसार और उचित ड्राइविंग परीक्षण के आधार पर ही जारी किए जाएं, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने ए.आर.टी.ओ. कार्यालय परिसर के बाहर संचालित दुकानों और ढाबों के संबंध में भी सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिसर के आसपास किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को बैठने की अनुमति न दी जाए और अनावश्यक भीड़भाड़ को समाप्त किया जाए।
जिलाधिकारी ने कार्यालय एवं कार्यालय परिसर में बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की नैतिक जिम्मेदारी है।
प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रवर्तन अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए रात्रिकालीन चेकिंग अभियान भी नियमित रूप से संचालित किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान ए.आर.टी.ओ. (प्रशासन) निखिल शर्मा, ए.आर.टी.ओ. (प्रवर्तन) नेहा झा सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

