उच्च शिक्षा का आदर्श गुरुकुल बनता दून विश्वविद्यालय : प्रो. सुरेखा डंगवाल

उच्च शिक्षा का आदर्श गुरुकुल बनता दून विश्वविद्यालय : प्रो. सुरेखा डंगवाल
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देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित राज्य विश्वविद्यालय दून विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि प्रवेश परीक्षा और विभिन्न पाठ्यक्रमों में आवेदन करने के लिए अब केवल चार दिन शेष हैं, इसलिए छात्र-छात्राएं अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करें। उन्होंने कहा कि अंतिम समय में वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक या तकनीकी समस्याओं के कारण कई बार अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए समय रहते आवेद

उन्होंने बताया कि दून विश्वविद्यालय ने बीते कुछ वर्षों में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार और आधुनिक पाठ्यक्रमों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा ‘ए’ ग्रेड प्रदान किया गया है, जो इसकी शैक्षणिक उत्कृष्टता और संस्थागत गुणवत्ता का प्रमाण है।

प्रो. डंगवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार समय की आवश्यकता के अनुरूप नए पाठ्यक्रम प्रारंभ कर रहा है। इसी क्रम में हाल के वर्षों में बीटेक कंप्यूटर साइंस, एमएससी अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट तथा स्नातकोत्तर स्तर पर हिंदू स्टडीज जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं, जिन्हें विद्यार्थियों और अभिभावकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।


एम.ए. (हिंदू अध्ययन)

दून विश्वविद्यालय द्वारा प्रारंभ किया गया एम.ए. (हिंदू अध्ययन) पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है। इस पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन, संस्कृति, धर्म, इतिहास तथा भारतीय ज्ञान-विज्ञान की अवधारणाओं का वैज्ञानिक एवं अकादमिक अध्ययन कराया जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को भारतीय परंपराओं की गहन समझ प्रदान करेगा तथा शोध और शिक्षण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर भी उपलब्ध कराएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) पहले से ही इस विषय में नेट परीक्षा आयोजित करता है, जिससे विद्यार्थियों के लिए अकादमिक करियर की संभावनाएं मजबूत होती हैं। भारतीय संस्कृति, शास्त्र और समाज से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से उपयोगी माना जा रहा है।


एम.एससी. इन अर्बन डेवलपमेंट

एम.एससी. इन अर्बन डेवलपमेंट पाठ्यक्रम को तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आधुनिक शहरी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस कोर्स में शहरी विकास, शहरी योजना, पर्यावरणीय चुनौतियां, आधारभूत संरचना विकास तथा नीति निर्माण से जुड़े विषयों का व्यावहारिक एवं समग्र अध्ययन कराया जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को शहरी समस्याओं के समाधान विकसित करने, योजनाओं के प्रभावी प्रबंधन तथा आधुनिक शहरों की आवश्यकताओं को समझने में सक्षम बनाएगा। यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से उन पेशेवरों और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है, जो शहरी योजना और प्रबंधन के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करना चाहते हैं।


ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सेल

दून विश्वविद्यालय में पूर्ण रूप से सक्रिय ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल कार्यरत है, जो विद्यार्थियों के करियर विकास के लिए वर्षभर विभिन्न गतिविधियों का संचालन करता है। सेल द्वारा स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, व्यक्तित्व विकास कार्यशालाएं, इंटर्नशिप समन्वय, करियर काउंसलिंग और कैम्पस प्लेसमेंट अभियान आयोजित किए जाते हैं।

विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार करना है, ताकि वे प्रतिष्ठित कंपनियों के समक्ष आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमता प्रस्तुत कर सकें। बीते वर्षों में विश्वविद्यालय के कई विद्यार्थियों को 14 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक के आकर्षक पैकेज प्राप्त हुए हैं, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्लेसमेंट व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाता है।


क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं का शिक्षण

दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज़ में पहले से ही अंग्रेज़ी, स्पेनिश, जापानी, चीनी (मैंडरिन), फ्रेंच और जर्मन जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में स्नातक एवं परास्नातक स्तर पर अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है।

इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने अब क्षेत्रीय भाषाओं और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय द्वारा एक वर्षीय प्रमाणपत्र कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी, पंजाबी, बंगाली और संस्कृत भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को भाषायी विविधता की समझ विकसित करने के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

एमबीए एवं एग्जीक्यूटिव एमबीए में प्रवेश प्रक्रिया

प्रो. सुरेखा डंगवाल ने बताया कि एमबीए कार्यक्रम में प्रवेश राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं MAT और CAT की मेरिट के आधार पर किया जाएगा। वहीं एग्जीक्यूटिव एमबीए में प्रवेश के लिए कार्य अनुभव अनिवार्य रखा गया है। इस कार्यक्रम में चयन साक्षात्कार (Interview) और समूह चर्चा (Group Discussion) के प्रदर्शन के आधार पर होगा।

उन्होंने बताया कि बीबीए और बीकॉम पाठ्यक्रमों में प्रवेश विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा।

स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी के अंतर्गत संचालित बीएससी, एमएससी कंप्यूटर साइंस तथा एमटेक कंप्यूटर साइंस कार्यक्रमों में प्रवेश विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा।

वहीं बीटेक कंप्यूटर साइंस कार्यक्रम में प्रवेश JEE (Joint Entrance Examination) की मेरिट के आधार पर किया जाएगा तथा इसके लिए विश्वविद्यालय अलग से कोई परीक्षा आयोजित नहीं करेगा। हालांकि, सभी अभ्यर्थियों के लिए विश्वविद्यालय का आवेदन फॉर्म भरना अनिवार्य होगा।

प्रो. डंगवाल ने स्पष्ट किया कि बीटेक कंप्यूटर साइंस और एमबीए को छोड़कर अधिकांश पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के माध्यम से आयोजित की जाएगी।

कुलपति प्रो. डंगवाल ने बताया कि बीएससी ऑनर्स इकोनॉमिक्स एवं साइकोलॉजी, एमएससी साइकोलॉजी और इकोनॉमिक्स, एंथ्रोपोलॉजी तथा सोशल वर्क जैसे पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की विशेष रुचि देखने को मिल रही है।

इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय में एमएससी एवं एमटेक पर्यावरण विज्ञान, नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट तथा मीडिया एवं कम्युनिकेशन स्टडीज में भी स्नातक एवं परास्नातक स्तर पर अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है।

फिजिकल साइंसेज स्कूल के अंतर्गत रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान एवं गणित विषयों में स्नातक और परास्नातक स्तर पर प्रवेश विश्वविद्यालय की परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। विश्वविद्यालय में बीएससी एवं एमएससी बायोलॉजिकल साइंसेज कार्यक्रम भी संचालित हैं।

डॉ. नित्यानंद हिमालय अध्ययन एवं शोध केंद्र में एमए थिएटर पाठ्यक्रम उपलब्ध है। साथ ही बीएससी जियोलॉजी और ज्योग्राफी में भी स्नातक एवं परास्नातक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। स्कूल ऑफ डिजाइन में डिजाइन से संबंधित स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है।

दून विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री दुर्गेश डिमरी ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां विश्वविद्यालय के प्रोस्पेक्टस में उपलब्ध हैं। इसमें पात्रता, पाठ्यक्रमों की विस्तृत सूची, शुल्क संरचना, शैक्षणिक कैलेंडर तथा विभिन्न संकायों की जानकारी दी गई है। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से प्रोस्पेक्टस डाउनलोड कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक पाठ्यक्रमों में आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए अलग आवेदन फॉर्म एवं शुल्क जमा करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है और इसके बाद किसी भी परिस्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्रवेश फॉर्म शुल्क 800 रुपये निर्धारित किया गया है।

कुलसचिव डिमरी ने कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी को ऑनलाइन आवेदन भरने में तकनीकी समस्या आती है, तो वह विश्वविद्यालय परिसर में आकर तकनीकी टीम से सहायता प्राप्त कर सकता है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि पूरी प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और छात्रहित में संचालित हो। ऑनलाइन आवेदन के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट उपर जानकारी उपलब्ध है :
[दून विश्वविद्यालय प्रवेश पोर्टल](https://doonuniversityadm.samarth.edu.in

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