चार सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई न होने से आंदोलनकारी नाराज, 5 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान
देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की बैठक रविवार को कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित की गई। बैठक में मंच ने अपनी चार सूत्रीय मांगों के समाधान में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए आगामी 5 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री आवास कूच और घेराव करने का निर्णय लिया। बैठक की अध्यक्षता सुलोचना भट्ट तथा संचालन महासचिव रामलाल खंडूरी ने किया।
बैठक में वरिष्ठ आंदोलनकारी एवं जिला स्तरीय चिन्हीकरण समिति की सदस्य पुष्पलता सिलमाना ने कहा कि सरकार द्वारा चिन्हीकरण की अवधि बढ़ाना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन समिति की सिफारिशों के अनुरूप सूची जारी किए बिना इसका कोई व्यावहारिक लाभ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व की भांति समयावधि समाप्त हो जाने पर भी यदि सूची जारी नहीं हुई तो आंदोलनकारियों की समस्याएं जस की तस बनी रहेंगी।
टिहरी से आए आंदोलनकारी राजेंद्र बहुगुणा ने कहा कि 10 प्रतिशत आरक्षण के तहत चयनित 52 आंदोलनकारी एवं आश्रितों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है। उन्होंने बताया कि सचिवालय घेराव के बाद सरकार की ओर से शीघ्र नियुक्ति का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कई कैबिनेट बैठकों के बाद भी इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ है, जिससे चयनित युवा निराश हैं।
गणेश डंगवाल ने आंदोलनकारी कर्मचारियों और उनके आश्रितों को आरक्षण के दायरे से बाहर किए जाने पर आपत्ति जताते हुए सभी पात्र आंदोलनकारी कर्मचारियों को वर्ष 2004 के शासनादेश के अनुसार पेंशन का लाभ देने की मांग उठाई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री आंदोलनकारी मंच के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए नहीं बुलाते और मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तो 5 जुलाई को प्रदेशभर के आंदोलनकारियों और उनके संगठनों को साथ लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया जाएगा।
बैठक के अंत में मुज़फ्फरनगर गोलीकांड की सीबीआई गवाह एवं वरिष्ठ आंदोलनकारी विमला कोठियाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, महासचिव रामलाल खंडूरी, पुष्पलता सिलमाना, सुलोचना भट्ट, चंद्र किरण राणा, मनोज नौटियाल, राजेंद्र बहुगुणा, मोहन सिंह रावत, प्रताप सिंह रावत, गणेश डंगवाल सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

