राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण, युवा संसद लोकतांत्रिक नेतृत्व की पाठशाला: गणेश जोशी

देहरादून। उत्तराखण्ड यंग थिंकर्स फोरम द्वारा आयोजित तीन दिवसीय युवा संसद कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि विकसित, समृद्ध और शक्तिशाली भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर आशा और विश्वास की दृष्टि से देख रही है।
देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए गणेश जोशी ने कहा कि युवा संसद केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि लोकतंत्र को समझने, विचारों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने और स्वयं को नेतृत्व के लिए तैयार करने का एक सशक्त मंच है।
उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है। देश एक ओर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और अंतरिक्ष, नवाचार तथा डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं दूसरी ओर समाज और राजनीति के समक्ष कई चुनौतियां भी मौजूद हैं। ऐसे समय में युवाओं की जागरूक भागीदारी और सकारात्मक सोच देश को नई दिशा दे सकती है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विचारों में मतभेद लोकतंत्र की खूबसूरती है, लेकिन राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता सभी नागरिकों की साझा पहचान होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की सफलता केवल आलोचना करने में नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करने और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने में निहित है।
गणेश जोशी ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति बहुमत नहीं, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार नागरिक होते हैं। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात कर राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में दून विश्वविद्यालय की कुलपति रेखा डंगवाल, भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, शिक्षाविद और युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे।

