उत्तराखंड जल्द बनेगा ‘पूर्ण साक्षर’ राज्य, आगामी कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव: डॉ. धन सिंह रावत

देहरादून। उत्तराखंड को ‘पूर्ण साक्षर’ राज्य घोषित करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने संबंधी प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. रावत ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाएगा। राज्य ने केंद्र सरकार के ‘उल्लास’ (Understanding Lifelong Learning for All in Society) कार्यक्रम के तहत निर्धारित साक्षरता मानकों को पूरा कर लिया है, जिसके आधार पर उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक है। उल्लास कार्यक्रम के तहत वयस्कों को बुनियादी साक्षरता, जीवनोपयोगी कौशल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, आधारभूत शिक्षा और सतत शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया। इस अभियान में सामाजिक संस्थाओं, कॉरपोरेट इकाइयों और जागरूक नागरिकों के सहयोग से विभिन्न गांवों को गोद लेकर निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाया गया।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अभियान के तहत विशेष रूप से महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी गई। साथ ही उन क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया जहां महिला साक्षरता दर 60 प्रतिशत से कम थी। इस प्रयास का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और राज्य अब पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य तक पहुंच चुका है।
उन्होंने बताया कि अब तक मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं। उत्तराखंड इस सूची में शामिल होने वाला देश का छठा राज्य बन सकता है।
केंद्र सरकार के उल्लास कार्यक्रम के अनुसार जब किसी राज्य में 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की साक्षरता दर 95 प्रतिशत या उससे अधिक हो जाती है तथा गैर-साक्षर लोगों तक शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाता है, तब उस राज्य को ‘पूर्ण साक्षर’ या ‘फुली लिटरेट’ राज्य माना जाता है। उत्तराखंड ने इस दिशा में निर्धारित मानकों को पूरा कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

