देहरादून में कांग्रेस का वैचारिक मंथन, संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर बनाई आगे की रणनीति

देहरादून। राजीव भवन में उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग (बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ) द्वारा आयोजित “विचार से परिवर्तन – संविधान से राष्ट्र निर्माण” विषयक वैचारिक बैठक में संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के विचार विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टेन प्रवीण डागर ने कहा कि वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों में कांग्रेस के मूल विचार—समता, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता, भारतीय राष्ट्रवाद और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता—की प्रासंगिकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि विचार विभाग की भूमिका केवल संगठन तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में लोकतांत्रिक चेतना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की भी है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरणीय संकट और पर्वतीय अर्थव्यवस्था जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि विचार विभाग का उद्देश्य केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया देना नहीं, बल्कि तथ्यपरक और समाधान-आधारित वैचारिक दृष्टि समाज के सामने प्रस्तुत करना है।
स्वागत उद्बोधन में डॉ. प्रेम बहुखण्डी ने कहा कि वर्तमान समय में संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और वैज्ञानिक सोच पर आधारित जनसंवाद की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि बैठक में युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों से सतत संवाद, सोशल मीडिया के माध्यम से वैचारिक अभियान तथा उत्तराखण्ड के पलायन, रोजगार, शिक्षा, पर्यावरण, जल स्रोत, कृषि, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों पर व्यापक वैचारिक दस्तावेज तैयार करने पर चर्चा हुई।
बैठक में वरिष्ठ शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिए तथा विचार विभाग को अध्ययन, शोध, जनसंवाद और नीति-निर्माण का प्रभावी मंच बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. परितोष कुमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग संविधान के आदर्शों, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के लिए नियमित वैचारिक संवाद एवं जनजागरण अभियान संचालित करेगा।

