जसपुर पुलिस का 48 घंटे में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा, सड़क हादसे का रूप देकर हत्या करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

ऊधम सिंह नगर । जसपुर में सड़क दुर्घटना का रूप देकर की गई सुनियोजित हत्या का पुलिस ने मात्र 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में जसपुर पुलिस ने हत्या के आरोप में दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त बलेनो कार भी बरामद कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने जानबूझकर कार से मोटरसाइकिल को टक्कर मारकर तीन युवकों को कुचल दिया था, जिससे घायल नितिन कुमार की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
घटना 10 जुलाई 2026 को ठाकुरद्वारा चुंगी के पास खेड़ा रोड पर हुई थी। प्रारंभिक सूचना सड़क दुर्घटना की थी, लेकिन 11 जुलाई को मृतक नितिन कुमार के पिता बनारसी दास ने कोतवाली जसपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि पूर्व नियोजित हत्या है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विशेष टीम गठित की।
तकनीकी साक्ष्यों, सुरागरसी और लगातार की गई जांच के आधार पर पुलिस ने 12 जुलाई को हाईवे पर घेराबंदी कर घटना में प्रयुक्त बलेनो कार संख्या UP-21 DF-4379 सहित नामजद आरोपी पुष्पेन्द्र चौहान उर्फ मानू और जाकिर गुज्जर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि घटना वाले दिन मृतक और उसके साथियों से विवाद के बाद उन्होंने प्रतिशोध की भावना से कार से मोटरसाइकिल में जानबूझकर टक्कर मारी और उन्हें कुचलते हुए मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पुष्पेन्द्र चौहान के विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक मुकदमा दर्ज है, जबकि दूसरे आरोपी जाकिर गुज्जर का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपराध मुक्त उत्तराखंड के विजन के अनुरूप जनपद में हत्या जैसे जघन्य अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले प्रत्येक अपराधी के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक राजेश पाण्डेय के नेतृत्व में वरिष्ठ उपनिरीक्षक भूपाल राम पौड़ी, उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद मौनियाल, संतोष देवरानी, हरीश आर्या, रुचिका चौहान, ललित डिगारी सहित मुख्य आरक्षी कुन्दन सिंह, शैलेन्द्र मेहता एवं आरक्षी अरुण कुमार, कुलदीप सिंह, जाकिर हुसैन, अब्दुल मलिक, विपिन कुमार और भवान सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

