10 अगस्त तक बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में 30.62 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, बीकेटीसी को 74.50 करोड़ रुपये से अधिक की आय

Spread the love

रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि तीर्थयात्रियों को सरल, सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना मंदिर समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून के बावजूद उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है और बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि 10 अगस्त 2026 तक दोनों धामों में 30 लाख 62 हजार 228 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें बदरीनाथ धाम में 16,12,112 तथा केदारनाथ धाम में 14,50,116 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।

स्थानीय पत्रकारों से वार्ता करते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए मंदिर परिसरों, पैदल मार्गों, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और यात्री विश्राम गृहों की व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। यात्रा व्यवस्था पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। मंदिर परिसरों की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यात्रा को सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय हक-हकूकधारियों, तीर्थ पुरोहितों, प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सनातन आस्था, विश्वास और परंपरा का प्रतीक है। मंदिर समिति का प्रयास है कि श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय हक-हकूकधारियों और तीर्थ पुरोहितों के हितों का भी समुचित ध्यान रखा जाए। तीर्थ पुरोहितों एवं संबंधित हितधारकों के कल्याण के लिए तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष बनाया गया है। वहीं, श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में बाजीगर ढोलवादकों से सम्मानपूर्वक वार्ता कर उनका धरना भी समाप्त कराया गया है।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के कोठा भवन के जीर्णोद्धार का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा श्री तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। श्री त्रियुगीनारायण मंदिर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है। इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण करने के साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

उन्होंने बताया कि पवित्र सावन माह में बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री भी श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं। इस यात्रा वर्ष श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 और श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। यात्रा के प्रथम चरण में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दोनों धामों में पहुंचकर भगवान बदरीविशाल और बाबा केदार के दर्शन किए।

बीकेटीसी अध्यक्ष के अनुसार दोनों धामों से अब तक मंदिर समिति को 74.50 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हो चुकी है, जिसमें करीब 37 करोड़ रुपये श्री केदारनाथ धाम से प्राप्त हुए हैं।

मानसून के बाद शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के द्वितीय चरण के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है, ताकि आगामी चरण में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण सहित अन्य मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

Related articles