दाहोद फर्जी सरकारी कार्यालय घोटाला: ED ने ₹22.70 करोड़ की संपत्तियां अटैच कीं

फर्जी सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के 6 कार्यालय बनाकर 121 फर्जी कार्यों की मंजूरी लेने का आरोप, सरकारी धन को 118 खातों में किया गया ट्रांसफर
अहमदाबाद। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने दाहोद फर्जी सरकारी कार्यालय घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹22.70 करोड़ मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। अटैच की गई संपत्तियां अबुबकर जाकिरअली सैयद और उसके परिवार के सदस्यों एवं सहयोगियों से संबंधित बताई गई हैं।
ED ने यह जांच गुजरात के दाहोद टाउन ‘ए’ डिवीजन थाने में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। मामला दाहोद जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के नाम पर छह फर्जी सरकारी कार्यालय तैयार किए जाने से जुड़ा है।
जांच एजेंसी के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों का रूप धारण किया, फर्जी मुहरों और हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया तथा जाली दस्तावेज तैयार कर सरकारी अनुदान हासिल किया। ED की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आपसी साजिश के तहत 121 फर्जी कार्यों की मंजूरी प्राप्त की और धोखाधड़ी से सरकारी धन हासिल किया।
ED की जांच में सामने आया कि कथित धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि पहले फर्जी सरकारी कार्यालयों के नाम पर खोले गए 9 बैंक खातों में जमा की गई। इसके बाद रकम को 18 मध्यस्थ बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया और अंततः आरोपियों से जुड़े व्यक्तियों एवं संस्थाओं के 118 अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार अवैध रूप से प्राप्त धन का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने, निवेश करने और अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया। इसी धन से अर्जित मानी गई संपत्तियों को ED ने PMLA के तहत अटैच किया है।
अटैच की गई संपत्तियों में भूमि के सात टुकड़े, म्यूचुअल फंड में किए गए निवेश और विभिन्न बैंक खातों में जमा रकम शामिल हैं। इन सभी परिसंपत्तियों का कुल मूल्य ₹22.70 करोड़ बताया गया है।
ED ने आम लोगों को अपने बैंक खातों, ATM कार्ड, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी, OTP या KYC दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को मामूली भुगतान, कमीशन या आर्थिक लाभ के बदले उपलब्ध न कराने की सलाह दी है।
एजेंसी ने चेताया कि साइबर फ्रॉड और अन्य वित्तीय अपराधों से प्राप्त धन को इधर-उधर करने के लिए ठग अक्सर ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में करते हैं। किसी व्यक्ति की सीधे तौर पर धोखाधड़ी में संलिप्तता न होने के बावजूद यदि उसका बैंक खाता दूसरे लोगों द्वारा अवैध लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
ED ने नागरिकों से संदिग्ध बैंक खाता इस्तेमाल करने के अनुरोधों के प्रति सतर्क रहने और ऐसी किसी भी गतिविधि की तत्काल सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है। मामले में आगे की जांच जारी है।
