₹129.80 करोड़ की संपत्तियां अटैच, रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई

₹129.80 करोड़ की संपत्तियां अटैच, रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई
Spread the love

अहमदाबाद। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 अगस्त 2026 को PMLA की धारा 5(1) के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है। मामले में रोनक रवजीभाई सोनानी, विपुलभाई गोरधनभाई गंगानी, मेसर्स केशव नारायण ग्रुप समेत अन्य से जुड़ी ₹129.80 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया है।

ED ने अहमदाबाद के DCB, सैटेलाइट, नवरंगपुरा और बोपल थानों में दर्ज पांच FIR के आधार पर जांच शुरू की थी। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आम होम बायर्स, छोटे निवेशकों, व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों को आकर्षक रियल एस्टेट योजनाओं का झांसा दिया। आरोपियों ने फ्लैट और दुकानें प्री-लॉन्च कीमतों पर देने के साथ 54 से 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित रिटर्न का वादा किया। हालांकि, इन परियोजनाओं का आवश्यक वैधानिक अनुमोदन, जैसे एनए अनुमति और RERA पंजीकरण, नहीं कराया गया था।

छारोड़ी परियोजना में करीब 250 खरीदारों एवं निवेशकों से धनराशि जुटाई गई, जबकि अक्षर अनंत परियोजना में 44 से अधिक खरीदारों एवं निवेशकों से रकम ली गई। आरोप है कि न तो वादा किए गए फ्लैट और दुकानें उपलब्ध कराई गईं और न ही निवेशकों की रकम वापस की गई।

ED की जांच के अनुसार, आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से खरीदारों को झूठे वादों के जरिए आकर्षित किया, रकम एकत्र की और बाद में उस धन को दूसरी जगह स्थानांतरित कर संपत्तियों को छिपाने का प्रयास किया। छारोड़ी परियोजना में खरीदारों को RERA पंजीकरण और एनए अनुमति प्रक्रिया में होने की जानकारी दी गई थी। बाद में परियोजना की जमीन को केवळ महेंद्रभाई पटेल, आशीष विष्णुभाई पटेल समेत अन्य लोगों को बेचने या हस्तांतरित करने की बात सामने आई।

इसी प्रकार शेला स्थित अक्षर अनंत परियोजना में परियोजना को वास्तविक दिखाने के लिए एमओयू और अन्य दस्तावेज तैयार किए गए। बाद में परियोजना बंद कर जमीन को पुरव रमेशचंद्र पटेल, दिप्राजवीरसिंह विक्रमसिंह जाला, महेंद्रसिंह प्रद्युम्नसिंह चुडासमा समेत अन्य लोगों को हस्तांतरित किया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए कथित तौर पर डमी सेल डीड का इस्तेमाल किया गया और वास्तविक भुगतान के बिना फर्जी भुगतान विवरण दर्ज दस्तावेजों में दिखाए गए, ताकि लेन-देन वैध प्रतीत हो।

ED ने अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) का प्रतिनिधित्व करने वाली संपत्तियों को अटैच किया है। इनमें छारोड़ी में 6,603.332 वर्गमीटर, शेला में 7,284 वर्गमीटर तथा कड़ी तालुका के जेसंगपुरा और अगोल में 30,798 वर्गमीटर भूमि शामिल है। इन संपत्तियों का कुल मूल्य ₹129.80 करोड़ है।

ED के मुताबिक संपत्तियों की अटैचमेंट का उद्देश्य इनके आगे बिक्री, हस्तांतरण या छिपाने पर रोक लगाना है। इससे धोखाधड़ी के शिकार होम बायर्स और निवेशकों के हितों की रक्षा करने के साथ PMLA के तहत आगे की जब्ती और पात्र दावेदारों को संभावित धन वापसी की प्रक्रिया में भी मदद मिलेगी।

ED ने होम बायर्स और निवेशकों से अपील की है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश से पहले RERA पंजीकरण, वैधानिक अनुमतियां, टाइटल दस्तावेज, भूमि रिकॉर्ड और एन्कम्ब्रेंस विवरण की जांच अवश्य करें। अत्यधिक रिटर्न, गारंटीड बायबैक या असामान्य छूट जैसे प्रस्तावों को चेतावनी संकेत मानने की सलाह दी गई है।

देवभूमि खबर

Related articles