राज्य आंदोलनकारियों का दो दिवसीय सम्मेलन 30 अगस्त से, सीएम धामी करेंगे शुभारंभ

राज्य आंदोलनकारियों का दो दिवसीय सम्मेलन 30 अगस्त से, सीएम धामी करेंगे शुभारंभ
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देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की ओर से प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय राज्य आंदोलनकारी सम्मेलन का आयोजन 30 एवं 31 अगस्त 2026 को किया जा रहा है। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। सम्मेलन में प्रदेश के सभी 13 जिलों से राज्य आंदोलनकारी प्रतिभाग करेंगे।

मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, प्रदेश महामंत्री रामलाल खण्डूड़ी और प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े विभिन्न विषयों के साथ ही उत्तराखंड के विकास की चुनौतियों, राज्य की बोली-भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण और राज्य आंदोलन के शहीदों के सपनों को साकार करने जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।

सम्मेलन के पहले दिन 30 अगस्त को प्रथम सत्र सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:45 बजे तक चलेगा। यह सत्र पूरी तरह राज्य आंदोलनकारियों को समर्पित रहेगा। इसमें आंदोलनकारियों की समस्याओं, उनके समाधान और उनसे जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी।

इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से शाम 6 बजे तक द्वितीय सत्र आयोजित होगा। इस सत्र का विषय ‘उत्तराखंड राज्य के विकास में भौगोलिक चुनौतियां और समाधान’ रहेगा। दूसरे सत्र में उत्तराखंड की बोली, भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण पर भी चर्चा होगी। सत्र के अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

31 अगस्त को सुबह 10:30 बजे से प्रथम सत्र आयोजित होगा, जिसका विषय ‘उत्तराखंड राज्य के शहीदों के सपनों का उत्तराखंड कितना साकार हुआ?’ रहेगा। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से शाम 6 बजे तक दूसरा सत्र होगा, जिसमें राज्य की बोली, भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया जाएगा।

मंच के पदाधिकारियों के अनुसार सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य की वर्तमान चुनौतियों का आकलन करते हुए उनके समाधान के लिए एक दस्तावेज तैयार करना है। मंच का मानना है कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी उत्तराखंड के समक्ष अनेक चुनौतियां हैं और आंदोलनकारियों के अनुभव एवं सुझावों के आधार पर भविष्य की दिशा तय करने की आवश्यकता है।

सम्मेलन में चर्चा के बाद तैयार दस्तावेज को सरकार को सौंपा जाएगा अथवा सरकार से उस पर आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुरोध किया जाएगा, ताकि जनता की आवाज को सुनकर उस पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

सम्मेलन में प्रत्येक सत्र के लिए अलग-अलग मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि तथा वक्ता मौजूद रहेंगे। आयोजकों ने बताया कि सभी 13 जिलों से आने वाले राज्य आंदोलनकारियों के रहने और भोजन की व्यवस्था भी की गई है।

राज्य आंदोलनकारी मंच ने कहा कि यह सम्मेलन केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की मूल भावना, आंदोलनकारियों के संघर्ष और राज्य के भविष्य पर गंभीर चिंतन का मंच होगा। सम्मेलन के माध्यम से यह प्रयास किया जाएगा कि राज्य गठन के मूल उद्देश्यों की समीक्षा करते हुए भविष्य के उत्तराखंड के लिए ठोस रोडमैप तैयार किया जा सके।

देवभूमि खबर

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