दून मेडिकल कॉलेज में 12 बेड के कार्डियोलॉजी विंग और नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण

दून मेडिकल कॉलेज में 12 बेड के कार्डियोलॉजी विंग और नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण
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देहरादून,। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में शनिवार को 12 बेड के नवनिर्मित कार्डियोलॉजी विंग एवं नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति में किया गया। नई सुविधाओं के शुरू होने से हृदय रोगियों के साथ गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को बेहतर, त्वरित और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

नवनिर्मित 12 बेड के कार्डियोलॉजी विंग से हृदय रोग से संबंधित मरीजों के उपचार की क्षमता मजबूत होगी। वहीं नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड के शुरू होने से गंभीर एवं आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने की क्षमता में वृद्धि होगी।

दून मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा की शुरुआत

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य के प्रथम मेडिकल कॉलेज के रूप में सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में MCH Urology सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम दो अभ्यर्थियों डॉ. विशाल सिंह एवं डॉ. इकबाल अली को प्रवेश एवं ज्वाइनिंग पत्र प्रदान किए गए।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने इसे पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों के शुरू होने से प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी और भविष्य में जटिल एवं गंभीर रोगों के उपचार के लिए राज्य में ही उच्च स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।

उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा का विस्तार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने संस्थान को चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासों पर जोर दिया।

दून मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष एवं निदेशक, चिकित्सा शिक्षा प्रो. (डॉ.) आशुतोष सयाना ने कहा कि संस्थान में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और मानव संसाधन को मजबूत करने पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने भविष्य में अन्य सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जाने की बात कही।

देवभूमि खबर

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