बैंक धोखाधड़ी मामले में पूर्व बैंक अधिकारी को 7 साल की कठोर सजा, ₹4.30 लाख जुर्माना

जयपुर। बैंक धोखाधड़ी के मामले में जयपुर स्थित CBI अदालत ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, लालसोट शाखा के तत्कालीन स्पेशल असिस्टेंट मुरारी लाल मीणा को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के कठोर कारावास (RI) और ₹4.30 लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला 01 सितंबर 2026 को सुनाया।
CBI के अनुसार बैंक की दौसा जिले की लालसोट शाखा की शिकायत पर 20 दिसंबर 2017 को मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि मुरारी लाल मीणा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अनधिकृत रूप से ‘No Dues Certificates’ जारी किए। इसके माध्यम से बकाया ऋण देनदारियों के बावजूद बंधक रखी गई प्रतिभूतियों को रिलीज करने में मदद की गई।
जांच में सामने आया कि इस प्रक्रिया से बैंक को 25 ऋण खातों में कुल ₹83,69,495 का नुकसान हुआ।
CBI ने जांच पूरी करने के बाद 28 अगस्त 2019 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद 23 जनवरी 2024 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुरारी लाल मीणा को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और ₹4.30 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई।
