खंबाखाल–सिलोडा मोटर मार्ग में तेजी लाने की मांग, डीएम से मिले राकेश राणा; 10 काश्तकारों को मुआवजा देने की भी उठाई मांग

राकेश राणा ने कहा कि देश और दुनिया विकास के नए आयाम छू रही है, लेकिन टिहरी जनपद का पहला गांव सिलोडा आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को आज भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि खंबाखाल से सिलोडा को जोड़ने के लिए लगभग सात किलोमीटर मोटर मार्ग की आवश्यकता है, जिसमें तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है। मुखमाल गांव से कनून तक एक किलोमीटर सड़क स्वीकृत है और इसकी निविदा प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत मुखमाल गांव की ओर से सड़क निर्माण को लेकर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है।
राणा ने बताया कि सोनगढ़ तोक से उत्तरकाशी मोटर मार्ग, चाका होते हुए सिलोडा तक लगभग पांच किलोमीटर सड़क भी स्वीकृत है, जिसका निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से प्रस्तावित है। उन्होंने विभागीय स्तर पर पत्रावली की धीमी गति पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी से शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।
उन्होंने मांग की कि अति शीघ्र कमेटी गठित कर आगे के चार किलोमीटर मार्ग को मिसिंग लिंक के रूप में जोड़ने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए और प्रस्ताव शासन को भेजा जाए, ताकि सिलोडा गांव को सड़क संपर्क से जोड़ा जा सके। उन्होंने भविष्य में इस मार्ग को सिलोडा से सोंदी होते हुए चौरंगीखाल और उत्तरकाशी तक जोड़ने की दिशा में भी कार्य करने की मांग की।
राकेश राणा ने कहा कि सड़क के अभाव में बीमारी, प्रसव अथवा दुर्घटना जैसी आपात परिस्थितियों में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को डंडी-कंडी के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है और सड़क निर्माण में अब किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
काश्तकारों को शीघ्र मिले मुआवजा
बैठक में राकेश राणा ने खंबाखाल–सिलोडा मोटर मार्ग के किलोमीटर तीन, मुखमाल गांव में सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा लंबित होने का मामला भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि लगभग 10 परिवारों की भूमि सड़क निर्माण में गई है, लेकिन संबंधित काश्तकारों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है।
उन्होंने जिलाधिकारी से प्रभावित काश्तकारों को शीघ्र मुआवजा दिलाने के साथ ही सड़क किनारे नाली और आवश्यक कॉजवे का निर्माण कराने की मांग की, ताकि भविष्य में जलभराव और खेती को होने वाले नुकसान से ग्रामीणों को बचाया जा सके।
राकेश राणा ने कहा कि खंबाखाल–सिलोडा सड़क क्षेत्र के लिए केवल एक सड़क नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आपातकालीन सुविधा और विकास से जुड़ने का जीवनदायिनी मार्ग है। इसलिए इसके निर्माण और लंबित प्रक्रियाओं में अब किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
