उत्तराखंड के युवाओं के कौशल विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति,सेवायोजन विभाग और एम3एम फाउंडेशन के बीच समझौता

देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, उत्तराखंड और एम3एम फाउंडेशन के बीच मंगलवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में विभाग की ओर से प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशक संजय कुमार तथा एम3एम फाउंडेशन की ओर से प्रबंध न्यासी एवं अध्यक्ष डॉ. ऐश्वर्य महाजन ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य में युवाओं के लिए उद्योग आधारित कौशल विकास का प्रभावी ढांचा तैयार करना है। इसके तहत युवाओं को वर्तमान एवं उभरती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण देने के साथ उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने, उद्योगों से संपर्क मजबूत करने, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और टिकाऊ आजीविका के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
समझौते के प्रारंभिक चरण में देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर और पिथौरागढ़ में प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन को प्राथमिकता दी गई है। परियोजना की आवश्यकता, भौगोलिक परिस्थितियों और संभावित लाभार्थियों की उपलब्धता के आधार पर अल्मोड़ा और बड़कोट को भी अतिरिक्त प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में शामिल किया जा सकता है।
प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र पर स्थानीय परिस्थितियों, उद्योगों की मांग और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कम से कम दो पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। प्रस्तावित प्रशिक्षण में इलेक्ट्रिक वाहन कनिष्ठ तकनीशियन, ऑटो विद्युत रखरखाव कनिष्ठ तकनीशियन, वाहन मरम्मत एवं रखरखाव कनिष्ठ तकनीशियन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स कनिष्ठ तकनीशियन और प्लंबिंग कनिष्ठ तकनीशियन जैसे रोजगारपरक तकनीकी पाठ्यक्रम शामिल हैं।
इस पहल के माध्यम से युवाओं को तकनीकी दक्षता प्रदान करने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उद्योगों के साथ संपर्क और रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करने के साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा प्रशिक्षण के बाद युवाओं को मिलने वाले रोजगार के परिणामों की भी निगरानी की जाएगी।
एम3एम फाउंडेशन की अध्यक्ष एवं न्यासी डॉ. पायल कनोडिया ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़ना इस साझेदारी का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि विभाग और एम3एम फाउंडेशन के बीच यह सहयोग राज्य में कौशल विकास को अधिक उद्योग-केंद्रित, रोजगारपरक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि साझेदारी के माध्यम से युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण, बेहतर रोजगार अवसर और टिकाऊ आजीविका के मार्ग को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम में उप निदेशक सेवायोजन चंद्रकांता, उप निदेशक प्रशिक्षण निरंजन खुगशाल, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान निरंजनपुर देहरादून के प्रधानाचार्य दिनकर रौतेला, नोडल अधिकारी उत्तराखंड कौशल विकास मिशन विनीता बडोनी, एम3एम प्रतिनिधि अरविंद कुमार शर्मा सहित विभाग एवं प्रशिक्षण संस्थानों के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
