ड्रग तस्करी और हवाला नेटवर्क मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, गौरव डावर गिरफ्तार

अफगानिस्तान-पाकिस्तान-दुबई से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के मामले में कार्रवाई, 89 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय का खुलासा
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मादक पदार्थों की तस्करी, हवाला लेनदेन और धनशोधन से जुड़े मामले में गौरव डावर पुत्र अशोक डावर को 17 सितंबर 2026 को धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी को 18 सितंबर को नई दिल्ली के तीस हजारी न्यायालय स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसे पांच दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।
ईडी के अनुसार यह जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा हरप्रीत सिंह तलवार और अन्य के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी। एनआईए इस मामले में छह आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
जांच में कथित तौर पर सामने आया कि कई आरोपी अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई से संचालित अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के साथ साजिश में शामिल थे। ईडी के अनुसार इस नेटवर्क का कथित सरगना वितायश कोसर उर्फ राजू दुबई है, जो वांछित आरोपी है। जांच में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एजेंटों और अफगान नागरिकों से जुड़े होने की बात भी सामने आई है।
ईडी के अनुसार एनआईए की जांच में करीब 74 करोड़ रुपये की अवैध मादक पदार्थ बिक्री से अर्जित रकम हवाला के माध्यम से अफगानिस्तान भेजे जाने और आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई थी। ईडी की जांच में मादक पदार्थों की तस्करी, मादक पदार्थों से प्राप्त रकम के वितरण और हवाला कारोबार के माध्यम से कुल करीब 89 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय का पता चला है। एजेंसी के अनुसार अतिरिक्त अपराध से अर्जित आय की पहचान के लिए जांच जारी है।
मामले में धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत कई दौर की तलाशी ली जा चुकी है। ईडी की नवीनतम तलाशी कार्रवाई 15 से 17 जुलाई 2026 के बीच की गई थी।
जांच में ईडी के अनुसार गौरव डावर ने सह-आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट द्वारा भेजी गई मादक पदार्थों की खेप की तस्करी को सुगम बनाया। इसके बदले कथित तौर पर नकद और वस्तुओं के रूप में भुगतान प्राप्त किया गया। एजेंसी के अनुसार इनमें ‘गुडांग गरम’ सिगरेट, सुपारी, सूखे खजूर और इत्र सहित प्रतिबंधित अथवा तस्करी से जुड़ी वस्तुएं शामिल थीं।
ईडी के अनुसार गौरव डावर दुबई की यात्राओं के दौरान कथित सरगना राजू दुबई से कई बार संयुक्त अरब अमीरात की मुद्रा में नकद रकम भी प्राप्त करता था। जांच में यह भी सामने आया कि मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं से प्राप्त कथित रकम को व्यावसायिक आतिथ्य कारोबार, रात्रि क्लबों और महंगी संपत्तियों में निवेश के माध्यम से खपाने का प्रयास किया गया।
ईडी के मुताबिक गौरव डावर ने सह-आरोपियों के साथ मिलकर दिल्ली स्थित ‘प्लेबॉय क्लब’ और ‘व्हाइट क्लब’ में नकद निवेश किया। ये प्रतिष्ठान एम/एस न्यूएरा फीस्ट एंड हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से संचालित किए जा रहे थे।
ईडी ने कहा कि यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी, धनशोधन और हवाला लेनदेन से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए सरकार के समन्वित प्रयास का हिस्सा है। मामले में आगे की जांच जारी है।
