उत्तराखंड में 1 अक्टूबर से 250 केंद्रों पर होगी मिलेट्स की खरीद, मंडुवा का भाव बढ़कर ₹52.05 प्रति किलो

उत्तराखंड में 1 अक्टूबर से 250 केंद्रों पर होगी मिलेट्स की खरीद, मंडुवा का भाव बढ़कर ₹52.05 प्रति किलो
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देहरादून, 30 सितंबर। पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) एक अक्टूबर से प्रदेशभर में बड़े स्तर पर मिलेट्स और अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद शुरू करेगा। मिलेट्स मिशन योजना के तहत इस फसली वर्ष प्रदेश में 250 क्रय केंद्रों के माध्यम से मंडुवा, झंगोरा, तिलहन, चौलाई, दालों सहित अन्य पहाड़ी उपज की सीधे किसानों से खरीद की जाएगी।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक कृषि को बढ़ावा मिल रहा है। जिन किसानों ने पारंपरिक और मोटे अनाज की खेती छोड़ दी थी, वे अब दोबारा पारंपरिक खेती की ओर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को शत-प्रतिशत जैविक राज्य बनाना है। पर्वतीय क्षेत्रों में जैविक खेती से किसानों को लाभ मिल रहा है और उनके उत्पादों को सीधे बाजार उपलब्ध हो रहा है। आने वाले समय में जैविक उत्पादों की मांग और बढ़ने की उम्मीद है।

डॉ. रावत ने बताया कि इस फसली वर्ष यूसीएफ के माध्यम से किसानों से मिलेट्स की खरीद की जाएगी। एक अक्टूबर से शुरू होने वाली खरीद प्रक्रिया के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए इस वर्ष मंडुवा 52.05 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा। पिछले वर्ष मंडुवा की खरीद 48.86 रुपये प्रति किलो की दर से की गई थी।

सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद ने बताया कि प्रदेश में मिलेट्स खरीद और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। खरीद केंद्रों और निर्धारित खरीद मूल्य की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराने तथा खरीद की धनराशि का भुगतान सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से करने के निर्देश दिए।

उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल ने बताया कि मिलेट्स मिशन योजना के तहत इस फसली वर्ष खरीद की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों से उपज खरीदने के लिए प्रदेशभर में 250 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। पिछले वर्ष 214 केंद्रों के माध्यम से खरीद की गई थी, जबकि इस वर्ष 36 अतिरिक्त केंद्र खोले जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यूसीएफ हाट के माध्यम से भी किसानों के उत्पादों की खरीद और विपणन को बढ़ावा दिया जाएगा। मंडुवा 52.05 रुपये प्रति किलो की निर्धारित दर पर खरीदा जाएगा, जबकि सोयाबीन, दाल, झंगोरा, चौलाई तथा अन्य सूखे अनाज एवं पहाड़ी उत्पादों की खरीद बाजार मूल्य के आधार पर की जाएगी। किसानों से खरीदे गए उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बेहतर विपणन पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सके और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूसीएफ ने प्रदेश के 214 क्रय केंद्रों के माध्यम से कुल 53,860.652 कुंतल मंडुवा खरीदा था। यह खरीद 11,153 किसानों से की गई थी। पिछले वर्ष चमोली जनपद में सबसे अधिक मंडुवा की खरीद हुई, जबकि सबसे अधिक किसानों ने टिहरी जनपद में अपनी उपज बेची। कुमाऊं मंडल में पिथौरागढ़ जनपद मंडुवा खरीद के मामले में सबसे आगे रहा।

उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ सहकारिता विभाग की शीर्ष सहकारी संस्था है, जिसके माध्यम से गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में किसानों से सीधे मिलेट्स की खरीद की जाएगी। इस वर्ष मंडुवा का खरीद मूल्य 52.05 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद बाजार मूल्य के आधार पर यूसीएफ हाट के माध्यम से की जाएगी।

सरकार की ओर से मंडुवा के खरीद मूल्य में लगातार वृद्धि की गई है। पिछले वर्ष मंडुवा 48.86 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया था। इससे पहले इसकी खरीद 18 रुपये प्रति किलो की दर से की गई थी। इस वर्ष खरीद दर बढ़ाकर 52.05 रुपये प्रति किलो कर दी गई है। प्रत्येक क्विंटल मंडुवा की खरीद पर संबंधित सहकारी समिति को 200 रुपये की आय प्राप्त होगी, जिससे सहकारी समितियों की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

देवभूमि खबर

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