₹341 करोड़ से अधिक की अपराध आय का मामला, ईडी ने रतिकांत राउत के खिलाफ दाखिल किया पूरक अभियोजन परिवाद

भुवनेश्वर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भुवनेश्वर क्षेत्रीय कार्यालय ने अवैध खनन, चोरी, डकैती और विस्फोटकों की आपूर्ति से जुड़े धनशोधन मामले में रतिकांत राउत के खिलाफ 16 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायालय (पीएमएलए), भुवनेश्वर में पहला पूरक अभियोजन परिवाद दाखिल किया है। इस मामले में ईडी ने ₹341 करोड़ से अधिक की अपराध से अर्जित आय का अनुमान लगाया है।
ईडी के अनुसार, रतिकांत राउत को धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत 20 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि उसने कथित तौर पर अवैध खनन, विस्फोटकों की अवैध खरीद एवं इस्तेमाल तथा खनिजों की चोरी और उनमें मिलावट के जरिए अपराध से अर्जित आय जुटाई। इस आय को चल-अचल संपत्तियों में निवेश करने के साथ परिवार के सदस्यों और संबंधित व्यावसायिक संस्थाओं के माध्यम से छिपाने तथा विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने का आरोप है।
ईडी की जांच के मुताबिक, रतिकांत राउत के खिलाफ ओडिशा के विभिन्न थानों में अवैध खनन, चोरी, डकैती और विस्फोटकों की आपूर्ति सहित अन्य मामलों में 27 प्राथमिकी दर्ज हैं। ढेंकनाल में खनन पट्टे होने के बावजूद निर्धारित सीमा से अधिक खुदाई और पट्टे से बाहर सात स्थानों पर कथित अवैध खनन किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई। ओडिशा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के ड्रोन और उपग्रह सर्वेक्षण में पट्टे की सीमा के भीतर अतिरिक्त खुदाई और स्वीकृत क्षेत्र से बाहर खनन के संकेत मिले।
जांच में मां तारिणी स्टोन क्रशर, आरएलआर मर्केंटाइल, साई शंभू इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और एश्योरेंस मेटालॉयड एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड सहित संबंधित व्यावसायिक संस्थाओं और खातों के माध्यम से धन के लेन-देन तथा उसे विभिन्न स्तरों पर स्थानांतरित किए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में ईडी ने पहले 7 जुलाई 2026 को रतिकांत राउत की पत्नी लक्षमिप्रिया प्रुष्टी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मुख्य अभियोजन परिवाद दाखिल किया था।
ईडी ने इससे पहले 8 जनवरी 2025 को धनशोधन निवारण अधिनियम की धारा 17 के तहत रतिकांत राउत और उससे जुड़ी संस्थाओं के परिसरों में तलाशी ली थी। गिरफ्तारी के बाद विशेष न्यायालय ने 21 अगस्त को उसे पांच दिन की ईडी हिरासत में भेजा था। 26 अगस्त को जमानत अर्जी खारिज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बाद में 7 सितंबर को अतिरिक्त साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने चार दिन की अतिरिक्त ईडी हिरासत की अनुमति दी।
ईडी के अनुसार, विशेष न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करते हुए प्रथम दृष्टया धनशोधन में आरोपी की संलिप्तता का उल्लेख किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।


