जिलाधिकारी ने की चारधाम परियोजना के कार्यों की समीक्षा बैठक

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रूद्रप्रयागजिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता मे जिला कार्यालय सभागार में गतिमान चारधाम परियोजना के कार्यों की समीक्षा बैठक ली गई बैठक में अनुपस्थित तहसीलदार ऊखीमठ, पटवारियों को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने व संबंधित का अग्रिम आदेशों तक वेतन आहरित न करने के निर्देश दिये। सिल्ली के 55 भवन की भूमि की स्थिति स्पष्ट न होने पर तहसीलदार की अध्यक्षता मे समिति गठित की जिसका कार्य 55 भवनों मे कितनी भूमि निजी व सरकारी है कि स्थिति स्पष्ट हो सके व लोगो को ससमय मुआवजा वितरित किया जा सके। कहा की पटवारियों द्वारा यह लिख दिया जाता है कि भवन की भूमि निजी व सरकारी है किन्तु यह स्पष्ट नही किया जाता की कितनी भूमि निजी व कितनी सरकारी है। किसी भी पटवारी द्वारा आगे से स्थिति स्पष्ट न करने पर संबंधित पटवारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित उपजिलाधिकारी व राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर अवस्थित संरचनाओ के ध्वस्तीकरण मे सहयोग देने, पटवारियों को मुआवजा हेतु अवशेष लोगो के खाते व अन्य औपचारिकताओ को ससमय ओरण कर मुआवजा वितरित करने, उपजिलाधिकारी को बैठक मे आने से पूर्व अपने स्तर पर रिव्यु कर वस्तुस्थिती से अवगत होकर ही बैठक मे प्रतिभाग करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि जिस दिन लोगो के भवन खाली कराया जाय उसी दिन ध्वसत कर दे क्योंकि लोगो को पर्याप्त समय व बार बार सूचित कर दिया गया है।
इस अवसर पर अपरजिलाधिकारी अरविंद पांडेय, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग वृजेश तिवारी, ऊखीमठ वरुण अग्रवाल, सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

देवभूमि खबर