पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने 300 करोड़ का घोटाला करने का आरोप लगाया
रुद्रपुर ।देवभूमि खबर। पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 74 घोटाले में राजनेताओं के दबाव में एवं आर्विट्रेशन के माध्यम से आईएएस व उच्च अधिकारियों द्वारा अपने अधिकार का दुरपयोग करते हुए 300 करोड़ का घोटाला करने का आरोप लगाया।
बेहड़ ने पत्र में कहा कि उत्तराखण्ड के जनपद उधम सिंह नगर में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 74 के निर्माण में कई प्रभावशाली राजनेताओं एवं नौकरशाहों ने मिलकर कराड़ों रुपये का घोटाला राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 3(जी)(5) में विहित प्राविधानों का दुरपयोग कर प्रतिकर धनराशि बढ़ाकर किया गया है। उक्त आदेशों में कोई भी ठोस साक्ष्य नहीं लगाए गए हैं। प्रभावशाली राजनेताओं के करीबियों को साथ लेकर घोटाला करते हुए पैसों की बंदरबांट के लिए आदेश पारित किए गए हैं। जिसके कुछ प्रकरणों का विवरण पत्र के साथ संलग्न किया गया है। श्री बेहड़ ने कहा कि संलग्न तालिका के अतिरिक्त बहुत सारे ऐसे आर्बिट्रेशन वादों में निर्णय हुआ है जिसमे मनमाने तरीके से दर बढ़ाकर करोडों रुपये का सरकार को चूना लगाया गया है। इस बात का उल्लेख तत्कालीन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति के द्वारा भी अपनी प्रारम्भिक रिपोर्ट में नहीं किया गया है। जिस प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग 74 घोटाले में एफआईआर दर्ज कर एसएलएओ के द्वारा 3 जी में पारित आदेशों की जांच एसआईटी कर रही है, उसी प्रकार 3 (जी)(5) के अंतर्गत आर्बिट्रेटर के द्वारा पारित आदेशों को भी घोटाले में सम्मिलित करते हुए एसआईटी को जांच हेतु निर्देशित करें, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 74 घोटाले में राजनेताओं एवं आईएएस अधिकारियों की संलिप्ता की जांच कर घोटाले में वास्तविक दोषियों के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई कर भ्रष्टाचार करने वाले सामने आ सकें तथा उन पर कठोर कार्रवाई हो सके। श्री बेहड़ ने कहा कि इसके अलावा भी लंबी सूची है जिसमें वादों के निस्तारण में केन्द्र सरकार को करोडों का चूना लगाया है। जांच के दौरान बाजपुर क्षेत्र को राजनैतिक दबाव के कारण जांच से दूर रखा गया है, जबकि बाजपुर क्षेत्र में बहुत बड़े बड़े भूमि घाटाले हुए हैं उनकी भी जांच होनी चाहिए। बेहड़ ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, कार्मिक, आयुक्त कुमाऊं मण्डल, वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक से उपरोक्त विषय पर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

