शिक्षा विभाग का मूल उद्देश्य छात्र-छात्राओ को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करना है:पांडे

रूद्रपुर ।प्रदेश के शिक्षा एवं खेल मंत्री अरविन्द पांडे ने शिक्षा विभाग के अधिकारियो के साथ जनपद मे हो रहे राजकीय विद्यालयो के विलीनीकरण/एकीकरण की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष मे ली। इस दौरान शिक्षा विभाग ने पाॅवर प्रजेंटेशन के माध्यम से मंत्रीजी को जनपद मे विलीनीकरण/एकीकरण के तहत शिक्षा की गुणवत्ता मे सुधार हेतु किये जा रहे कार्यो की जानकारी दी। मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि यह उत्तराखण्ड मे प्रथम जनपद होगा जिसमे शिक्षा के क्षेत्र मे सुधार के लिए सराहनीय कार्य किया जा रहा है जिस पर उन्होने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी की प्रशंसा की। उन्होने कहा कि शिक्षा विभाग का मूल उद्देश्य छात्र-छात्राओ को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करना है। उन्होने कहा विद्यालयो मे वाॅल पेंटिग के माध्यम से स्वच्छता एवं महापुरूषो के सम्बन्ध मे दर्शाया जाए ताकि आने वाली पीढी को उन महापुरूषो के सम्बन्ध मे जानकारी मिल सके। उन्होने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि आगामी सत्र मे एनसीईआरटी पाठ्यक्रम सभी प्राईवेट स्कूलो मे लागू करने के सम्बन्ध मे मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता मे सभी प्राईवेट स्कूलो के साथ बैठक कर आवश्यक कार्यवाही करे। उन्होने कहा कि इसमे किसी प्रकार की हीला-हवाली बर्दाश्त नही की जायेगी। उन्होने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये है कि समय-समय पर प्राईवेट स्कूलो का औचक निरीक्षण कर छात्र-छात्राओ के एनसीईआरटी की पुस्तको की जांच करे अगर किसी विद्यालयो मे एनसीईआरटी के अलावा कोई बुक पायी जाती है तो उस विद्यालय की मान्यता निरस्त की जायेगी।
बैठक मे जिलाधिकारी डा0 नीरज खैरवाल ने मंत्रीजी को सीएसआर मद के तहत जनपद मे राजकीय विद्यालयो के विलीनीकरण/एकीकरण के माध्यम से शिक्षा मे सुधार एवं गुणवत्ता व शिक्षको की उपलब्धता के बारे मे जानकारी दी। उन्होने कहा इस योजना के तहत बच्चो को स्कूलो मे साफ पेयजल, शौचालय, बिजली, खेल मैदान, बच्चो के आने-जाने के लिए बस सुविधा आदि की व्यवस्था की जायेगी।
इस अवसर पर एसएसपी बरिन्दरजीत सिंह, मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित, अपर जिलाधिकारी जगदीश चन्द्र काण्डपाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार, रवि मेहता सहित खण्ड शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

