नगर निगम प्रशासन के खिलाफ दिया धरना
रुद्रपुर देवभूमि खबर। नगर निगम प्रशासन के खिलाफ भाजपा पार्षद के पति एवं भाजपा नेता दिलीप अधिकारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने नगर निगम गेट पर धरना दिया। उन्होंने मुख्य नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंप कर वार्ड नंबर दो में निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ कराने की मांग की।
वार्ड दो की भाजपा पार्षद सविता अधिकारी के पति दिलीप अधिकारी के नेतृत्व में वार्ड के सैकड़ों की संख्या में लोग नगर निगम परिसर में एकत्रित हुए। उन्होंने नगर निगम गेट पर धरना देकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अधिकारी का कहना है कि ट्रांजिट कैंप शिवनगर में लगभग छह माह पहले करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत हुए थे, जिन्हें कराने के लिए तीन किश्तों में टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। वार्ड नंबर दो में सामुदायिक भवन के लिए आगणन बनाया गया था, लेकिन उसके टेंडर नहीं किए गए। कहा कि वार्ड में सिर्फ दो हैंडपंप पार्षद से पूछ कर लगाए गए जबकि दस अन्य हैंडपंप बगैर पार्षद की संस्तुति के लगाए गए हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को आज भी पानी नहीं मिल पा रहा है।
प्रदर्शन करने वालों में जीएल गंगवार, मनोज दास, दिनेश तोमर, मिलन सिंह, भीमसेन शर्मा, सतपाल, राहुल, दीपक, आकाश, रोहिताश, सुरेश, अंकित, नीरज, आशू, प्रेम, अशोक, अतर सिंह, भीमसेन शर्मा, विक्की शर्मा, मुकेश शर्मा, छेदालाल शर्मा, रमेश शर्मा, हरीश आर्या, लक्ष्मण सक्सेना, सीमा शर्मा, गजेंद्र गंगवार, राजीव गंगवार, शिवम गुप्ता, रामचंद्र, पप्पू राठौर, शैलेंद्र, करन गंगवार, रेखा, आशा, जमुना प्रसाद, गुलाब राय, चंद्रपाल, चेतन, विकास, विनोद सिंह, ख्याली राम, विकास, खेमकरन, राकेश, मुन्नालाल, सोनू, मोहनलाल, हरीशंकर, हरदयाल, रामपाल, ओमप्रकासष, संतोष, संजीव, जयप्रकाश, राजू, दिनेश, सरोज, नीतू, मुन्नी, शांति, प्रेमवती, फूलवती आदि मौजूद थे।
अपनी सरकार में सुनवाई नहीं होने के कारण अधिकारी को धरना प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ रहा है तो यह बात साफ है कि कहीं न कहीं सिस्टम में खामी है।
यहां बता दें कि पार्षद से लेकर मेयर, विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री तक भाजपा के हैं, फिर भी पार्षद के पति को धरना प्रदर्शन करना पड़े तो कहीं न कहीं सिस्टम में खामी है। यदि पार्षद अपनी ही सरकार में विकास कार्य नहीं करा पा रहे हैं तो जनता के सामने वह किस मुंह से चुनाव में जाएंगे। शायद अपनी साख बचाने के लिए ही पार्षद के पति ने धरना प्रदर्शन का आयोजन किया है, ताकि जनता को यह संदेश दे सकें कि उनके चाहने के बावजूद काम नहीं हो पा रही है।
