नदियों को बचाने के लिए जल स्रोतों को पुर्नजिवित और जल संरक्षण के लिए ठोस कार्य योजना बनानी होगीः डाॅ. रावत

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अल्मोड़ा।देवभूमि खबर। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में दो नदियों रिस्पना और कोसी नदी को बचाने का अभियान चलाया जा रहा है। कोसी नदी को बचाने के लिए नदी के जल स्रोतांे को पुर्नजिवित और जल संरक्षण के लिए हमें ठोस कार्य योजना बनानी होगी। यह बात जनपद प्रभारी मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने राजस्व पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र पातालदेवी में आयोजित एक बैठक में कही। उन्होंने इस बात पर चिन्ता व्यक्त की कि कोसी नदी में जो अन्य सहायक नदियाॅ आती थी उनकी संख्या के साथ ही साथ कोसी नदी की लम्बाई भी घट चुकी है। पूर्व में इस नदी में 173 जल स्रोत थे जो अब घाटकर 39 रह गये है। विशेषज्ञों द्वारा यह भी सम्भावना जताई जा रही है कि 20 साल में कोसी नदी सूखने के कगार पर पहुंच जायेगी। प्रभारी मंत्री ने इस अभियान में नव युवक मंगल दलों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला मंगल दलों से जुड़ने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने जिला योजना की प्रगति के साथ-साथ जनपद की कानून व्यवस्था पर भी चर्चा की। प्रभारी मंत्री ने कहा कि शीघ्र ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय संघर्ष समिति का गठन किया जायेगा, जिसमें लोगों से जल स्रोतों पुर्नजिवित करने के लिए पौधरोपण की अपील की जायेगी। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोसी नदी के उद्गम स्थल से ही हमें जल स्रोतों के संरक्षण के लिए कार्य करना होगा तभी हम इस अभियान में सपफल हो पायेंगे। उन्होंने इस नदी के समीपस्थ गाॅवों के लोगो से अपील की है कि वे अपने-अपने गाॅवों में जल स्रोतों के संरक्षण के लिए जन जगारूकता अभियान फैलायें और अधिकाधिक लोगांे इस अभियान से जोड़ें। मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. नागेश्वर राव द्वारा भी कोसी नदी को कैसे पुर्नजिवित किया जा सके इसके लिए कार्य किया जा रहा है, उनकी भी सेवा हमें लेनी होगी। इस बैठक में विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान ने कहा कि हमें नदी के किनारे चैड़ी पत्ती के पौधे के पौधरोपण की ओर विशेष ध्यान देना होगा तभी हम इस अभियान में सफल हो पायेंगे। बैठक में उपस्थित जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव ने अपने सुझाव रखते हुए कहा कि जनपद के सभी विद्यालयों में निबन्ध, पेंटिग, वादविवाद का आयोजन कराया जायेगा जिसका मुख्य विषय कोसी नदी को कैसे पुर्नजिवित किया जा सकता है। साथ ही सांस्कृति कार्यक्रमों के माध्यम से भी इसके लिए जागरूकता पैदा की जाए। बैठक में उपस्थित डाॅ. नागेश्वर राव ने जनपद में कोसी नदी के पुर्नजिवित करने के लिए जो भी कार्य किये जा रहे है उनकी सराहना करते हुए कहा कि वास्तव में अल्मोड़ा में विभिन्न संस्थानों से लेकर अनेक लोग इस कार्य में जुड़े है जो हम सबके लिए पे्ररणदायी हैं। इससे पूर्व जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम ने पाॅवर पांइट के माध्यम से कोसी नदी के पुर्नजिवित हेतु अभी तक किये जा रहे कार्यों के बारे में प्रकाश डाला। इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी. रेणुका देवी, मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित, उपजिलाधिकारी सदर विवेक राय, वनाधिकारी आरसी शर्मा, डाॅ. डीएस रावत, संख्याधिकारी जीएस कालाकोटी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

देवभूमि खबर

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