खनन गतिविधियों पर की चर्चा

Spread the love
फोटो पी7 कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेती डीएम।
बागेश्वर ।देवभूमि खबर। जिलाधिकारी रंजना राजगुरू की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास के प्रबन्धन समिति के गठन के सम्बन्ध में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समिति के सदस्यों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में उत्तराखण्ड जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास नियमावली, 2017 मंे परिभाषित बिन्दु पर चर्चा की गयी और न्यास का गठन एवं प्रबन्धन के अन्तर्गत न्यास में एक शासी परिषद एवं एक प्रबन्धन समिति का गठन किया गया। शासी परिषद में जनपद के प्रभारी मंत्री अध्यक्ष एवं सदस्यगण विधानसभा को नामित किया गया। बैठक में जनपद के अन्य अधिकारियों सहित उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण द्वारा जनपद हेतु नामित अधिकारी, जिलाधिकारी द्वारा नामित जनपद के दो गणमान्य व्यक्ति जो खनन प्रभावित क्षेत्र के विकास कार्य से संबंधित हो, खनन गतिविधि प्रभावित ग्राम के ग्राम प्रधान को भी सदस्य नामित किये जाने पर चर्चा की गयी। जिलाधिकारी ने न्यास के उद्देश्य के सम्बन्ध जानकारी देते हुए कहा कि खनन संक्रियाओं या अन्य संबंधित क्रियाकलापों एवं खनिज परिवहन से प्रभावित व्यक्तियों एवं क्षेत्रों के हित तथा उनकी प्रसुविधा के लिए कार्य करना, प्रभावित व्यक्ति एवं क्षेत्रों में प्रसुविधा के लिए जिला खनिज फाउण्डेशन में संग्रहित निधियों का उपयोग करना और ग्राम सड़क, जलीय स्थान एवं अन्य सामान्य सुविधाओं को विकसित करने हेतु संबंधित ग्राम पंचायत के परामर्श पर निधि का उपयोग करना है। उन्होने बताया कि गठित जिला फाउण्डेशन न्यास का नियमानुसार पंजीकरण कर लिया गया है जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास बागेश्वर के नाम से खाता खेाला गया है। उन्होंने बताया कि अपर सचिव, औद्योगिक विकास अनुभाग के निर्देशानुसार उत्तराखण्ड फाउण्डेशन न्यास नियमावली 2017 में निहित प्रविधानों के अनुसार समस्त उपखनिज पट्टाधारक रायल्टी का 25 प्रतिशत रायल्टी के अतिरिक्त जमा करेंगे, सरकारी निर्माण कार्य में उपयोग की जाने वाली मिट्टी से भुगतान की जाने वाली रायल्टी की धनराशि 10 प्रतिशत अतिरिक्त रूप से देय होगी। न्यास निधि हेतु अंशदान प्राविधानित जनपद अन्तर्गत समस्त मुख्य खनिज, गौण खनिज, उपखनिज पट्टाधारकों तथा समस्त विभाग कार्यदायी संस्थाओं द्वारा जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास के खाते में रायल्टी के अतिरिक्त न्यास निधि हेतु निर्धारित अंशदान जमा किया जाना होगा। उन्होंने बताया कि न्यास में उपलब्ध निधि से पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, वयोवृद्ध एवं निःशक्त लोगों का कल्याण, कौशल विकास, स्वच्छता, सिचांई, उर्जा आदि विभागों से सम्बन्धित समस्याओं के निराकरण हेतु निधि में उपलब्ध अंशदान का उपयोग किया जायेगा। उन्होने अधिकारियों को खनन प्रभावित क्षेत्रों में निरीक्षणोपरान्त योजनाओं के पुर्ननिर्माण हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 शैलजा भट्ट, प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी केएन तिवारी, उपजिलाधिकारी बागेश्वर श्याम सिंह राणा, खान अधिकारी रविन्द्र नेगी, मुख्य शिक्षा अधिकारी हरीश चन्द्र सिंह रावत, जिला पंचायतराज अधिकारी पूनम पाठक, अधिशासी अभियंता सिचंाई केएन सती, महाप्रबन्धक उद्योग वीसी पाठक, अधिशासी अभियंता लद्यु सिंचाई पीसी पाण्डे आदि मौजूद थे।

देवभूमि खबर

Related articles