डा.वाई.एल.नेने के 84वीं जन्मदिवस पर द्विमासिक वृक्षायुर्वेद समाचार पत्र का विमोचन

डा.वाई.एल.नेने के 84वीं जन्मदिवस पर द्विमासिक वृक्षायुर्वेद समाचार पत्र का विमोचन
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पंतनगर।एशियन एग्री-हिस्टी फाउण्डेशन ;ए ए एच एफद्ध के मुख्यालय गो.ब. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पंतनगर में स्व. श्रद्धेय डा.वाई.एल.नेने, संस्थापक अध्यक्ष एएएचएफ के 84वें जन्मदिवस के अवसर पर ऑनलाइन स्मृति समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं डा. वाई.एल. नेने जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के साथ हुआ। डा. सुनीता टी पाण्डेय, प्राध्यापक सस्य विज्ञान एवं कार्यकारी सचिव एएएचएफ ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए समारोह के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। डा.ए.के. उपाध्याय, सचिव उत्तराखण्ड अध्याय-एएएचएफ ने अध्याय द्वारा किये जाने वाले कार्यों के बारेे में बताया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व कार्यवाहक कुलपति डा. जे कुमार, कुलसचिव, गो.ब. पंत कृषि एवं प्रौ. विश्वविद्यालय एवं ट्रस्टी ए ए एच एफ ने स्व. डा. वाईएल नेने के प्रारम्भिक जीवन से लेकर एएएचएफ की स्थापना एवं चेयरमैन एमिरिटस तक के सफर के बारे में विस्तार से बताया। डा. एसके कश्यप अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय ने भारतवर्ष के ऋषि मुनियों द्वारा लिखित वृक्षायुर्वेद, कृषि पाराशर तथा कृशि से संबंधित अनेक ग्रन्थों जिसमें कि भारतवर्ष की अमूल्य कृषि विरासत का विस्तृत ज्ञान उपलब्ध है, को वर्तमान परिवेश में परीक्षण एवं शोध करने की सलाह दी।
डा. एसपीएस बेनीवाल वर्तमान अध्यक्ष ए ए एच एफ ने स्व. डा. वाईएल नेने के जीवन से हमें क्या शिक्षा लेनी चाहिए के बारे में विस्तार से व्याख्या की एवं उनके द्वारा किये गये कार्यों जैसे खैरा रोग के लक्षण एवं उनकी पहचान व निवारण के बारे में बताया। इसके अतिरिक्त उन्होंने हमारे ऋषि मुनियों द्वारा लिखित कृषि संबंधित ग्रन्थों जैसे वृक्षायुर्वेद, कृषि पराशर एवं विश्व के प्रथम तरल जैविक खाद कुणपजल एवं हर्बल कुणपजल के बारे में बताया।
समारोह में एएएचएफ द्वारा जैविक कृषि को बढ़ावा देने हेतु द्विमासिक अंग्रेजी एवं हिन्दी समाचार पत्र क्रमशः ‘‘वृक्षायुर्वेद फार्मिंग न्यूज एवं वृक्षायुर्वेद खेती समाचारद्ध’’ का विमोचन भी किया गया।

समारोह में एएएचएफ के मुख्य सलाहकार एवं टृस्टी डा. एमसी सक्सेना, पूर्व अध्यक्ष एवं ट्रस्टी डा. एस एल चौधरी, ट्रस्टी डा. गजेन्द्र सिंह एवं डा. राम ठाकुर के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों एवं उत्तराखण्ड सरकार के कृषि विभाग के अधिकारियों सहित भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों तथा विश्व के विभिन्न देशों के गणमान्य व्यक्तियों ने प्रतिभाग किया। सबसे महत्वपूर्ण, कई प्रदेशों के कृषक भी आॅनलाइन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. विनिता राठौर, कोषाध्यक्ष उत्तराखण्ड अध्याय एएएचएफ ने किया। 

देवभूमि खबर

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