मुख्यमंत्री ने पौषण वाटिका के तहत जनपद पौड़ी में अच्छा कार्य करने पर डीएम एवं सीडीओ को बधाई दी
पौड़ी।।मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक आयोजित की गई। जिसमें राज्य के समस्त जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों ने वीडियों काॅन्फ्रेस के माध्यम से प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड आजीविका एप्प लॉच किया। उन्होंने कहा कि राज्य में जल्द ही मनरेगा के कार्यदिवसों की अवधि बढ़ाई जायेगी। मनरेगा के कार्यदिवस 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन किये जायंेगे। जिसके लिए धनराशि की व्यवस्था राज्य फंड से की जायेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मनरेगा के तहत कुछ जनपदों में अच्छा कार्य हुआ है। कार्य प्रकृति में सुधार के लिए सभी जिले एक-दूसरे से अपने अनुभवों को साझा करें। जिलाधिकारियों द्वारा मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों की 15 दिनों में जिला स्तर पर समीक्षा की जाय। कोविड काल के दौरान की कार्य की भरपाई करने के लिए और मेहनत की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने पौषण वाटिका के तहत जनपद पौड़ी में अच्छा कार्य करने पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को बधाई दी, कहा कि बच्चे एवं कृषक को इस प्रकार के कार्य से प्रेरणा मिल सकेंगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जल्द ही जनपद के सभी आगबाडी में पौषण वाटिका को विकसित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस तरह के प्रयोग अन्य जिलों को भी करने को कहा। साथ ही उन्होने मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी को मध्य प्रदेश की खेती के बारे में उदाहरण देते हुए, जनपद के कृषकों को एक ही खेत में मौसम की विविधता के आधार पर तीन-चार प्रकार के फसल उत्पादन करने की तकनीक के बारे में प्रेरित करने के निर्देश दिये। वहीं पाबो के ग्राम प्रधान हरेन्द्र सिह ने मनरेगा के तहत मिस्त्री के कार्यो की भुगतान को लेकर सुझाव दिये।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जाए। जिन नदियों के पुनर्जनन के लिए कार्य किये जा रहे हैं, उनकी जीआईएस मैपिंग हो। मनरेगा के तहत जनपदों में रोजगार दिवसों के औसत को और अधिक बढ़ाया जाय। जल संरक्षण एवं संवर्द्धन, कृषि विकास, पोषण अभियान, कलस्टर आधारित क्रियान्वयन रणनीति, सतत आजीविका संसाधन विकास एवं विपणन सुविधा विकास के क्षेत्र में मनरेगा के तहत विशेष प्रयास किये जाय। राज्य योजना एवं जिला योजना में विभागों द्वारा जो ऐसे कार्य प्रस्तावित किये जाते हैं, जो मनरेगा के तहत आसानी से किये जा सकते हैं। ऐसे कार्यों को मनरेगा से करने में प्राथमिकता दी जाय, ताकि राज्य एवं जिला योजना की धराशि का किसी अन्य मद में सदुपयोग किया जा सके।
इस अवसर पर सचिवालय से ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी, अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, अपर सचिव सुश्री वंदना, जनपद वीसी कक्ष से परियोजना निदेशक संजीव कुमार राय, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, सीएचओ डा0 नरेन्द्र कुमार, डीपीआरओ एम एम खान, परियोजना प्रबंधक स्वजल दीपक रावत, सीवीओ डा0 एस के सिह, जिला मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

