कुंभकर्ण नींद से जागा विकास प्राधिकरण एक दुकान की सील, तीन विभाग ने किया हस्तक्षेप
ललित जोशी, नैनीताल*
नैनीताल, । सरोवर नगरी में जिस तरह से निर्माण कार्य हो रहे हैं।वह दिन दूर नहीं जब कोई बहुत बड़ी समस्या न आये। झील विकास प्राधिकरण जब से अस्तित्व में आया है तब से निर्माण कार्य दिन रात किया जा रहा है। यहाँ तक कि विकास प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी मूक दर्शक बने हुए हैं। कुछ महीनों में एक दो जगह कार्यवाही कर अपने उच्च अधिकारियों के सामने खड़े होने का साहस कर पाते हैं। जहाँ भी निर्माण कार्य किये जाते हैं उसमें प्राधिकरण की मिली भगत तय मानी जाती है पर इन अधिकारियों व फील्ड कर्मचारियों को देखने वाला कोई नही।आज जो कदम प्राधिकरण द्वारा उठाया गया इसमें भी तीन विभाग शामिल थे नहीं तो किसी को कानों कान तक खबर नहीं होती।
यहाँ बता दें नगर के भोटिया मार्केट में एक व्यवसायी ने तो इस दौरान नगर पालिका से मिली आठ गुणा आठ वर्ग फिट को पीछे की ओर बहने वाले सिचाई विभाग के स्वामित्व वाले नाले में सात गुणा 10 यानी 70 वर्ग फिट बढ़ा दिया था। यानी तीन विभागों-नगर पालिका, सिचाई विभाग व जिला विकास प्राधिकरण की आंखों में धूल झोंकी गई थी। मंगलवार को इस पर विभागों की नींद किसी तरह टूटी। तीनों की ओर से संयुक्त कार्रवाई करते हुए व्यवसायी प्रेम सिंह भोटिया की दुकान को सील कर दिया गया। अगर तीन विभाग शामिल नही होते तो विकास प्राधिकरण इस ओर देखने भी नही आता जब पूरा काम हो गया तब विभाग के तीनों अधिकारी जाग गये।
कार्रवाई में जिला विकास प्राधिकरण के परियोजना अभियंता सीएम साह, सहायक अभियंता सतीष चौहान व कमल जोशी, नगर पालिका के सहायक अभियंता डिगर सिंह मेहरा, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरीश चंद्र सिंह भारती व अवर अभियंता नीरज तिवारी आदि शामिल रहे। अब यह सिलसिला कब तक जारी रहता है यह भविष्य के गर्त में छिपा हुआ है।

