बागेश्वर के कांडा में सड़क निर्माण में कटान में आ रहे पेड़ों के लिए महिलाओं ने चिपक कर आंदोलन किया शुरु,पुरानी यादें की ताजा

बागेश्वर के कांडा में सड़क निर्माण में कटान में आ रहे पेड़ों के लिए महिलाओं ने चिपक कर आंदोलन किया शुरु,पुरानी यादें की ताजा
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रिपोर्ट । ललित जोशी
नैनीताल।कुमाऊँ मंडल जनपद बागेश्वर के कांडा में ग्रामीण महिलाओं व प्रकृति के बीच अटूट प्रेम रिश्ता दिखाई दिया उसने वर्षों पुरानी यादों को ताजा कर डाला जब महिलाओं ने पेड़ से लिपटकर पेड़ों को बचाने में अपना बहुत बड़ा योगदान दिया। यहां सड़क निर्माण में कटान में आ रहे पेड़ों के लिए महिलाओं ने आंदोलन शुरु कर दिया है। कांडा से आई तस्वीरों ने गौरा देवी के चिपको आंदोलन को ताजा कर दी हैं।

दरअसल रंगथरा-मजगांव-चौनाला मोटर मार्ग निर्माण कार्य चल रहा है। गांव के पास सड़क निर्माण में आ रहे पेड़ों के कटान के लिए ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। इससे पूर्व सेरी गांव की महिलाओं ने इसके खिलाफ विरोध किया था। अब जाखनी गांव की महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। महिलाओं ने चिपको आंदोलन की तर्ज पर विरोध करना शुरु कर दिया है। महिलाओं का कहना है ग्रामीणों ने यह जंगल देवी को अर्पित किया है। ग्रामीण भी स्वंय इस जंगल का उपयोग चारे के लिए नहीं करते हैं। महिलाओं का कहना है कि चौनाला गांव पहले से ही सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। अब रंगथरा सड़क को दोबारा गांव तक पहुंचाया जा रहा है। इस सड़क के निर्माण में उनके पीढ़ियों से सरंक्षित पेड़ों की बलि चढ़ाई जा रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर गलत सर्वे का आरोप लगाया है। कहा कि पेड़ कटते ही उनके गांव में पानी का भी संकट गहरा जाएगा। मजगांव के लिए सड़क कट चुकी है। अब यहां से आगे निर्माण को सहन नहीं किया जाएगा।

विरोध करने वालों में तुलसी देवी, कमला देवी, इंदिरा, बसंती, नीरू, परमेश्वरी, चंद्रा, हेमा, गीता, मोहिनी, रेखा, हेमा, बंसती, विमला, कमला, पार्वती, हंसी समेत आदि महिलाएं शामिल हैं।

देवभूमि खबर

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