उत्तराखंड क्रांति दल की मुख्यमंत्री को सल्ट विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती
देहरादून।उत्तराखंड क्रांति दल ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को सल्ट विधानसभा से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है।
उत्तराखंड की सल्ट विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है । चुनाव बहुत नजदीक है। सभी दल अपनी-अपनी तैयारी में जुट गए हैं। चूंकि मुख्यमंत्री को भी विधानसभा का सदस्य होना अनिवार्य है इसलिए मुख्यमंत्री को सल्ट विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहिए। यदि एक सीट खाली है तो निश्चित रूप से मुख्यमंत्री को एक और सीट को खाली नही करा कर जनता पर आर्थिक बोझ नहीं डालना चाहिए , और सल्ट विधानसभा के मैदान से चुनाव लड़ने की दिलेरी दिखानी चाहिए। यदि एक सीट और खाली की जाएगी तो उसका जो आर्थिक बोझ जनता पर ही पड़ना है इसलिए भाजपा को चाहिए कि वह मुख्यमंत्री को साल्ट विधानसभा से चुनाव लड़ाए।
उत्तराखंड क्रांति दल मुख्यमंत्री को और भाजपा को चुनौती देता है कि वे सल्ट से चुनाव लड़ कर दिखाएं। कुछ दिन पूर्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का एक बयान आया था कि भाजपा किसी भी चुनौती के लिए तैयार रहती है तो भाजपा के लिए साल्ट विधानसभा एक चुनौती है और मुख्यमंत्री को वहां से चुनाव लड़ाए और अपनी पार्टी का दमखम दिखाएं। मुख्यमंत्री जी के लिए एक और सीट विधायक खाली करेगा और तब मुख्यमंत्री बहुत ही सुरक्षित सीट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं तो इससे यह साबित होगा कि पिछले 4 साल में कुछ नही हुआ और डबल इंजिन सरकार पूरी तरह से फेल होगयी। इसलिए उक्रांद मुख्यमंत्री से निवेदन भी करता है की उनको एक सीट और खाली न करके रिक्त सल्ट विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहिए और सरकार ने जो आज तक के विकास कार्य किए हैं उनका भी लेखा जोखा जनता के समक्ष रखना चाहिए ।राज्य दुबारा चुनाव के खर्चे से भी बच जाएगा। मैं समझता हूं कि भाजपा उत्तराखंड क्रांति दल की इस चुनौती को स्वीकार करेगी। पिछले 4 साल में भाजपा ने कोई भी काम नहीं किया है ,तमाम जितने फैसले त्रिवेंद्र सरकार ने लिये थे वह सभी मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत जी ने वापस ले लिए हैं तो पिछले 4 साल भाजपा ने जनता बर्बाद कर दिए बर्बाद कर दिए तथा विकास की जो धारा बहनी थी उसको अवरुद्ध कर दिया। इसलिए भाजपा अब मुख्यमंत्री को बहुत ही सुरक्षित सीट से लड़ आना चाहती है लेकिन उनके लिए कोई भी सुरक्षित सीट इस समय नहीं है क्योंकि पिछले 4 साल में जनता के बीच सरकार का ना जाना जनता की भावनाओं के अनुरूप काम ना करना यह तमाम ऐसे महत्वपूर्ण विषय है जिनसे माननीय मुख्यमंत्री जी जहां से भी चुनाव लड़ेंगे वहां उनको इन सब बातों का जवाब देना पड़ेगा और क्यों नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता पड़ी , इनका जवाब भाजपा को आने वाले उपचुनाव में देना पड़ेगा ।इसलिए दल मुख्यमंत्री को सल्ट विधानसभा से लड़ने की चुनौती प्रदान करता है और भाजपा जो कि एक मजबूत दल होने का दम्भ भरती है तो उसको इस चुनौती को स्वीकार करना चाहिए।

