उक्रांद देहरादून महानगर ने जिले में अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों को तत्काल बंद करने की मांग की
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल महानगर देहरादून ने महानगर अध्यक्ष दीपक रावत की अध्यक्षता में देहरादून ज़िले में अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों को तत्काल बंद करवाने हेतु ज्ञापन प्रेषित किया ।
दीपक रावत ने कहा की उक्रांद देहरादून महानगर को समय-समय पर विभिन्न नशा मुक्ति केंद्रों की शिकायत प्राप्त हुई है जिसमें नशा करने वाले व्यक्तियों को जीवन की नई राह बनाने का भ्रम फैलाकर नशा मुक्ति केंद्र वहां पर जाने वाले व्यक्तियों का हर प्रकार से शोषण किया जा रहा है जिसमें उनका और उनके परिवार का मानसिक शोषण ,आर्थिक शोषण एवं शारीरिक शोषण भी किया जा रहा है । हाल में ही घटित क्लेमिंटटाउन की घटना से यह पता लगा है कि नशा मुक्ति केंद्रों में केंद्र संचालक ही दुष्कर्म कर रहे हैं।उक्रांद निवर्तमान केंद्रीय प्रवक्ता सुनील ध्यानी ने कहा की नशा मुक्ति केंद्रों में अब मार पिटाई की घटना आम बात हो गयी है। अब तक कई संचालकों पर मार पिटाई के दौरान कई व्यक्तियों को मारने एवं उनकी हत्या करने का मुकदमा चलाया जा रहा है। कई लोगों द्वारा मृत्यु की जांच के लिए आवेदन किया गया है। वर्तमान में स्वस्थ समाज की परिकल्पना एवम व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिन्ह लग गया है तथा जनता का विश्वास शासन प्रशासन से उठ गया है ।
महानगर कार्यकारी अध्यक्ष किरण रावत ने कहा की जनता जो यह मानती है कि नशे को समाज से खत्म करने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों ही एकमात्र साधन है ये जानकर स्तब्ध हे की उन्ही केंद्रो पर नशे का कारोबार एवम अन्य अपराधिका गतिविधियाँ व अनियमिताएँ ज़ोर शोर से फल फूल रहीं है। क्लेमिंटटाउन के संचालक /काउंसलर को ही लड़कियों को नशा उपलब्ध कराना गम्भीर अपराध है जो समाज और प्रशासन से छलावा है और अत्यंत खेद जनक और अस्वीकार्य है । महानगर मीडिया प्रभारी दीपक मधवाल ने कहा की इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए और अपराधिक कृत्य सिद्ध होने पर ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ राष्ट्र द्रोह का मुकदमा भी चलाया जाना चाहिए
उत्तराखंड क्रांति दल इस ज्ञापन के माध्यम से मांग करता है कि वर्तमान में नशा मुक्ति केंद्रों की हालत अत्यंत चिंताजनक एवं खराब हो गई है । इन केंद्रों से अब जनता का विश्वास उठ गया है । अवैध रूप से संचालित होने वाले नशा मुक्ति केंद्रों को प्रशासन द्वारा बार-बार अभय दान देना स्वयं में प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़े करने जेसा है। अवैध रूप से संचालित हो रहे नशा मुक्ति केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाना अत्यंत आवश्यक है । यदि इस प्रकार की घटना की पुनरावृति होती है तो इसके लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा उक्रांद भविष्य में इस प्रकार की घटना होने पर उग्र प्रदर्शन करेगा।
कार्यक्रम में किरण रावत , सुनील ध्यानी, दीपक मधवाल, कमल उनियाल, जीतेन्द्र आदि उपस्थित थे।


