सर्वे बजट पास होने के बाद भी नहीं बन पायी कषाण बैड तिमूरी सड़क मार्ग,ग्रामीणों में रोष
अल्मोड़ा ।जनपद के भैसियाछाना बिकास खंड कषाण बैड तिमूरी सडक राज्य सरकार के द्बारा स्वीकृति व सर्वे होने के बाबजूद कार्य न होने से ग्रामीणों में रोष है।ग्रामीणों ने सरकार से सड़क मार्ग का कार्य जल्दी करवाने की मांग की । ग्रामीणों ने कार्य में विलंब होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
आपको बताते चलें कि राज्य बनने के बाद ग्रामीणों द्वारा तिमूरी गांव के लिए सडक मार्ग की मांग पर पूर्व सरकारों ने घोषणा कर सड़क का सर्वे और धन राशि स्वीकृति करने के बाद भी आज तक सड़क मार्ग का निर्माण अधूरा पड़ा है। लोगों को अपने बिमार या महिलाओं के प्रसव के लिए डोली या खच्चरों का सहारा लेकर निकटतम अस्पताल धौलछीना ले जाने के परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
लंबे समय से रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति कषाण बैड तिमूरी सड़क मार्ग के निर्माण कार्य के लिए शासन-प्रशासन से गुहार लगा रही है। लेकिन अभी ये सडक मार्ग खाली कागजों में है।
प्रताप सिंह नेगी अध्यक्ष रीठाडाडी दगड़ियों संघर्ष समिति का कहना है कि भैसियछाना विकास खंड के तिमूरी गांव खेती पाती व साग सब्जी के लिए सबसे अधिक उपजाऊ वाला गांव है।सडक न होने के कारण यहां के ग्रामीणों को अपनी खेती पाती व साग सब्जी व फल को निकटतम बाजार ले जाने में दिक्कत आती है।उन्होंने कहा कि इस गांव में मडुवा,मादिरा, गेहूं,की अच्छी पैदावार मानी जाती है इसके साथ साथ सेब,नासपाति, संतरा, अंगूर,अखरोट नींबू आदि फलो के लिए भी सबसे ज्यादा उपजाऊ वाला गांव है।
तिमूरी सड़क मार्ग का निर्माण न होने से ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए फिर आज मांग की । इस अवसर पर प्रताप सिंह नेगी समिति अध्यक्ष, समिति सहसचिव नन्दन सिंह राना,दीवान सिंह नेगी, नन्दन सिह नेगी, गोकुल सिंह नेगी, नरेन्द्र सिंह नेगी, ग्राम प्रधान हेमा देवी , भूतपूर्व ग्राम प्रधान नन्दन सिह नेगी,कैलाश चंद्र उप्रेती रबि नेगी आदि लोगों ने कहा कि यदि जल्द से जल्द सड़क मार्ग निर्माण कार्य की मांग पर शासन-प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की तो हमें उग्र आन्दोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।।


