सेराघाट बीड़ा मंदिर में इस बार भी नहीं हो पायेगा दो दिवसीय उतरायणी मेला

सेराघाट बीड़ा मंदिर में इस बार भी  नहीं हो पायेगा दो दिवसीय उतरायणी मेला
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अल्मोड़ा।अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़,के सीमांत एरिया सेराघाट बीड़ा मंदिर 150 साल से मेलेका आयोजन हुआ होता आ रहा है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद इस मेले को 14व15 को दिन के लिए दो दिवसीय मेला बना दिया गया। लेकिन कोरोना काल की महामारी से पिछले साल भी सेराघाट में उतरायणी मेला नहीं लग पाया।कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए मेले को स्थगित किया है

प्रताप सिंह नेगी समाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि सेराघाट बीड़ा मंदिर में दो दिवसीय मेले में धारचूला, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, बरेली, मुर्दाबाद,के व्यापारी आते थे साथ ही अल्मोड़ा ,बागेश्वर व पिथौरागढ़ जिले के गांवों के किसान इस मेले में गन्ना, संतरा, नींबू,साग सब्जी, व अन्य कास्तकारो के द्बारा कई प्रकार की पहाड़ी चीजों बिक्री करते थे।कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण कुमाऊं मंडल में उतरायणी मेला न लग पाने से लोगों में निराशा है।

उन्होंने कहा कि सेराघाट बीड़ा मंदिर में पूजा अर्चना व सरयू नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालु कोरोना गाइड लाइन के अनुसार जायेंगे और सरयू नदी में स्नान व पूजा अर्चना करके जाएंगे।

देवभूमि खबर

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