देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में तकनीकी शिक्षा विभाग उत्तराखण्ड द्वारा दो दिवसीय राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष समारोह का भव्य आयोजन राजकीय पॉलीटेक्निक पित्थूवाला, देहरादून में किया गया। समारोह का शुभारम्भ 06 नवम्बर 2025 को मुख्य अतिथि डॉ० रंजीत कुमार सिन्हा, सचिव तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा, उत्तराखण्ड शासन ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
इस अवसर पर निदेशक तकनीकी शिक्षा द्वारा मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं उपस्थित गणमान्यजनों का स्वागत करते हुए कहा गया कि सचिव महोदय की उपस्थिति विभाग के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राज्य स्थापना के इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी राज्य आन्दोलनकारियों व शहीदों को नमन करते हुए कहा कि यह रजत जयंती वर्ष केवल गर्व का विषय नहीं, बल्कि भावी उत्तराखण्ड के लिए नए संकल्प लेने का अवसर भी है। निदेशक ने कहा कि तकनीकी शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं में निहित रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसी प्रतियोगिताएं अत्यंत आवश्यक हैं, जो उन्हें भविष्य के तकनीकी नेतृत्व के लिए तैयार करें।
मुख्य अतिथि डॉ० रंजीत कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य की 25वीं वर्षगांठ के इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताएं न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को सामने लाती हैं, बल्कि उनमें निहित रचनात्मक और नवाचार क्षमता को भी निखारती हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेना जीतने या हारने से अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आत्मविश्वास, अनुशासन और सीखने की भावना को मजबूत करता है। तकनीकी शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति तकनीकी कौशल पर आधारित होती है और उत्तराखण्ड के विद्यार्थी इस दिशा में नई मिसाल कायम कर सकते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से धैर्यपूर्वक और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया तथा नई तकनीकों के विकास में योगदान देने की प्रेरणा दी।
समारोह के दौरान प्रदेश के विभिन्न पॉलीटेक्निक एवं इंजीनियरिंग संस्थानों से चयनित छात्र-छात्राओं ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया। प्रदर्शनी में प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए फोटो और स्केचिंग पोर्ट्रेट्स तथा हैकाथॉन मॉडलों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिताओं के परिणामों में क्विज में के०एल०पी० रूड़की के श्वेतांग वत्स व अनुराग उपाध्याय प्रथम स्थान पर रहे, जबकि एक्सटेम्पॉर में राजकीय पॉलीटेक्निक बेरीनाग के नीरज सिंह मेहरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ० राजेश उपाध्याय, कुलसचिव वी०मा०सिं०भ० उ०त०वि०वि० द्वारा मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, निदेशक तथा उपस्थित सभी महानुभावों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इस अवसर पर डॉ० मुकेश पाण्डेय, सचिव उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा परिषद; आलोक मिश्रा एवं देवेन्द्र गिरी, संयुक्त निदेशक प्राविधिक शिक्षा; एम० के० कन्याल, उपनिदेशक; प्रो० अजीत सिंह, निदेशक नन्हीं परी सीमान्त इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पिथौरागढ़; प्रो० मनोज पाण्डा, निदेशक वोमेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देहरादून; अवनीश जैन, प्रधानाचार्य राजकीय पॉलीटेक्निक देहरादून सहित प्रदेश के विभिन्न पॉलीटेक्निक संस्थानों के प्रधानाचार्य, अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।
यह रजत जयंती समारोह न केवल तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, बल्कि इसने यह भी सिद्ध किया कि उत्तराखण्ड के युवा “रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजक” बनने की क्षमता रखते हैं।

