फेमिना मिसेस इंडिया की फर्स्ट रनरअप किया प्रदेश का नाम रोशन

फेमिना मिसेस इंडिया की फर्स्ट रनरअप किया प्रदेश का नाम रोशन
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देहरादून ।देवभूमि खबर। ऊधमसिंह नगर के छोटे से गांव प्रीत नगर की बेटी आभा श्रीवास्तव ने हाल में ही रामोजी फिल्म सिटी हैदराबाद में हुई फेमिना मिसेस इंडिया 2017 में फर्स्ट रनरअप का खिताब जीत कर न सिर्फ इस क्षेत्र का बल्कि प्रदेश का नाम रोशन किया है। मिसेस इंडिया का ताज सिर पर सजने के बाद वह ग्लैमर की दुनिया में जाकर समाज सेवा करने को अपना लक्ष्य मानती है। उनके परिजनों में खुशी की लहर है।
प्रीत नगर निवासी आभा श्रीवास्तव के पिता डा. विजय कुमार श्रीवास्तव व मां ऊषा श्रीवास्तव हैं। उनकी तीन बहने  डा. शैलजा श्रीवास्तव, डा. गीतिका श्रीवास्तव, डा. अंशुल टंडन हैं। डा. अंशुल टंडन वर्तमान में रुद्रपुर चिकित्सालय में डायटीशियन के पद पर कार्यरत हैं। आभा वर्तमान में अपने पति आशीष श्रीवास्तव के साथ गाजियाबाद में रह रही है। उसके दो बच्चे हैं। आशीष जीईसी में डायरेक्टर सेल्स के पद पर कार्यरत हैं। अपनी शादी के बीस साल बाद 43 वर्ष की उम्र में आभा सफलता के शिखर पर पहुंची है। आभा की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिरा व गुरुनानक इंटर कालेज में हुई है। आभा ने स्कूल के समय से एनसीसी, नृत्य एवं संगीत आदि में अपनी अमिट छाप छोड़ी। वर्तमान में आभा जन शिक्षा एवं संस्कार समिति से जुड़ी हुई हैं तथा चार सौ गरीब व पिछड़े बच्चों की शिक्षा में सहयोग कर रही हैं। आभा ने अथक प्रयास करके रुद्रपुर वनवासी छात्रावास के लिए करीब 15 लाख रुपये की धनराशि मुहैया कराई है। आभा अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देती हैं। कहती हैं कि माता पिता के साथ ही ससुराल वालों एवं खासकर पति ने उन्हें आगे बढने की राह दिखाई।
आभा का कहना है कि आम तौर पर लड़कियों को शादी के बाद अपने सपनों की कुर्बानी देनी पड़ती है और परिवार के बीच समझौता करके रहना पड़ता है। कहती हैं कि उनके ख्वाबों को पंख ही उनके पति व ससुराल वालों ने लगाए तथा उन्हें आगे बढने की प्रेरणा दी। शादी के बाद भरतनाट्यम में डिग्री, फिर सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर भागीदारी को प्रोत्साहन एवं मैराथन में प्रतिभाग करने को परिवार का पूरा समर्थन मिला। वह बताती हैं कि मिसेस इंडिया प्रतियोगिता सिर्फ एक सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं है। इसमें फोटो आडीशन के बाद से ही प्रतिस्पर्धाओं का दौर शुरू होता है। जिसमें टेलेंट राउंड, योग एंड फिटनेस राउंड, सामाजिक योदगान, ग्लोबल एंड जनरल नॉलेज राउंड जैसे अनेक पड़ावों को पार करते हुए मिसेस इंडिया के ताज तक पहुंचा जाता है। आभा श्रीवास्तव के पिता डा. विजय कुमार श्रीवास्तव व मां ऊषा श्रीवास्तव व आभा की बहन  डा. शैलजा श्रीवास्तव, डा. गीतिका श्रीवास्तव, डा. अंशुल टंडन को आभा पर नाज है। आभा की इस सफलता पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
हाल में ही रामोजी फिल्म सिटी हैदराबाद में हुई फेमिना मिसेस इंडिया 2017 में फस्ट रनरअप का खिताब जीतने वाली आभा श्रीवास्तव मैराथन में रनर भी रही हैं। आभा देश भर में करीब 40 से 45  मैराथन में भाग ले चुकी हैं। दिल्ली, गोवा, शिमला आदि स्थानों पर मैराथन में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वह सम्मानित भी हो चुकी हैं।
 43 बसंत पार कर चुकीं आभा श्रीवास्तव की फिटनेस का राज योग है। आभा बताती हैं कि वह नियमित योगासन करती हैं। योग से वह स्वस्थ रहती हैं। यही योग उनके फेमिना मिसेसज इंडिया बनने में काम भी आया, क्योंकिअभ्यास के कारण ही वहयोग एवं फिटनेस राउंड में अव्वल रहीं।

देवभूमि खबर

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