एकीकृत शिक्षण से आ सकती है प्रशासनिक दक्षता:उच्चायुक्त
देहरादून।दून विश्वविद्यालय में ब्रुनेई दारुस्सलाम में भारत के उच्चायुक्त आलोक अमिताभ डिमरी ने विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों के साथ एक विमर्श कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्य वक्ता ने ज्ञान को विभिन्न विषय से जोड़ने के लिए और इसकी उपयोगिता पर बल डाला।
आलोक अमिताभ डिमरी ने बताया कि सीखना एक गतिशील यात्रा है और हमें एक बच्चे की तरह लगातार सीखते रहना चाहिए एवं इसका असली सार बहु-विषयक दृष्टिकोण को अपनाने में निहित है। जटिल रिश्तों से जुड़ी दुनिया में, ज्ञान पारंपरिक सीमाओं से परे है। विविध विषय के क्षेत्रों से अंतर्दृष्टि को एकीकृत करके, हम स्वयं के भीतर एक समग्र समझ विकसित कर सकते हैं जिसका लाभ नवाचार और अनुकूलनशीलता को बढ़ाने में मिल सकता है । बहु-विषयक शिक्षा हमारे ज्ञान की समृद्धि को बढ़ाने में सहायक हो सकती है।आज के दौर में भौगोलिक विशेषताओं, संसाधनों और क्षेत्रीय गतिशीलता की समझ होना अत्यंत आवश्यक है जिसके माध्यम से राष्ट्र की राजनयिक नीतियां बनाने, संभावित खतरों का आकलन करने और भू-राजनीतिक चुनौतियों से निपटने में सक्षम बना जा सकता है । नीति निर्माताओं के लिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करने वाले सूचित निर्णय लेने के लिए क्षेत्रों, सीमाओं और वैश्विक रुझानों के बारे में सटीक जानकारी तक पहुंच आवश्यक है।
इसके अलावा, उच्चायुक्त ने कहा कि एकीकृत शिक्षण से प्रशासनिक दक्षता आ सकती है, जिससे नौकरशाही बाधाओं को प्रबंध करने के साथ-साथ शैक्षिक चुनौतियों के प्रति अधिक सटीक प्रतिक्रिया दी जा सकती है । इससे शिक्षा के विभिन्न स्तरों के बीच बेहतर समन्वय हो सकता है, जिससे छात्रों के लिए एक सहज और सुसंगत शैक्षिक अनुभव को बढ़ावा मिल सकता है। अध्यापकों को चाहिए कि वह ज्ञान को वर्तमान जरूरत के साथ जोड़ सके। शिक्षकों को अपने डोमेन से बाहर निकलकर अपने ज्ञान को अन्य विषयों के साथ सार्थक रूप से कनेक्ट करने की आवश्यकता है।
ब्रुनेई दारुस्सलाम में भारत के उच्चायुक्त आलोक अमिताभ डिमरी का स्वागत दून विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉक्टर एम एस मंदरवाल के द्वारा एवं मंच का संचालन डॉक्टर हिमानी शर्मा के द्वारा किया गया. प्रोफेसर एसी जोशी के द्वारा आलोक अमिताभ डिमरी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया. इस कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर हर्ष डोभाल, प्रोफेसर आशीष कुमार, डॉक्टर अरुण कुमार, डॉ चारू शर्मा, डॉ शैंकी चंद्र, डॉ राजेश भट्ट, डॉक्टर सविता कर्नाटक, डॉ प्रीति मिश्रा, डॉ सुनीत नैथानी, डॉ चेतन पोखरियाल, डॉ कोमल कुमार, डॉ उदिता नेगी, डॉक्टर स्वाति बिष्ट एवं अन्य संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

